रूपनारायणपुर:
पश्चिम बर्धमान जिले के रूपनारायणपुर ग्राम पंचायत क्षेत्र में मंगलवार को उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब ‘प्रॉक्सी प्रधान’ और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर स्थानीय महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि आक्रोशित महिलाओं ने पंचायत प्रधान के पति का कॉलर पकड़कर उन्हें कार्यालय से बाहर निकाल दिया।
🚨 पंचायत कार्यालय में हंगामा
👉 बड़ी संख्या में महिलाएं पंचायत कार्यालय पहुंचीं
👉 जमकर नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन हुआ
👉 स्थिति ने अचानक उग्र रूप ले लिया
⚠️ क्या है पूरा मामला?
स्थानीय लोगों के अनुसार—
👉 पंचायत की निर्वाचित प्रधान अपर्णा दास हैं
👉 लेकिन पंचायत का संचालन उनके पति बिपन दास द्वारा किया जा रहा है
प्रदर्शनकारियों का आरोप—
👉 सभी महत्वपूर्ण फैसले बिपन दास लेते हैं
👉 प्रधान केवल नाम मात्र की पदाधिकारी हैं
🗣️ भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के आरोप
महिलाओं और स्थानीय लोगों ने गंभीर आरोप लगाए—
👉 विकास कार्यों में भारी भ्रष्टाचार
👉 भाई-भतीजावाद को बढ़ावा
👉 सरकारी जमीन के अवैध हस्तांतरण में संलिप्तता
👉 बिना जांच के एनओसी जारी करने के आरोप
प्रदर्शनकारियों का कहना है—
👉 “अगर निष्पक्ष जांच हो, तो कई बड़े घोटाले सामने आएंगे”
👩👩👧 महिलाओं का गुस्सा क्यों फूटा?
👉 लंबे समय से शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं
👉 प्रशासन की ओर से अनदेखी का आरोप
👉 स्थानीय लोगों में बढ़ता असंतोष
इसी कारण—
👉 महिलाओं ने खुद मोर्चा संभाला
👉 पंचायत कार्यालय पहुंचकर सीधे विरोध दर्ज कराया
🚓 पुलिस की एंट्री और स्थिति नियंत्रण
हंगामे की सूचना मिलते ही—
👉 रूपनारायणपुर पुलिस फाड़ी की टीम मौके पर पहुंची
👉 पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की
👉 स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की गई
✅ पुलिस का आश्वासन
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया—
👉 पंचायत के काम में प्रधान के पति का हस्तक्षेप नहीं होगा
👉 उन्हें कार्यालय में आने की अनुमति नहीं दी जाएगी
👉 नियमों के अनुसार ही पंचायत संचालन होगा
इस आश्वासन के बाद—
👉 महिलाओं ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया
👉 क्षेत्र में स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हुई
🔍 राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा
इस घटना के बाद—
👉 पूरे इलाके में ‘प्रॉक्सी प्रधान’ का मुद्दा गरमा गया है
👉 राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं
👉 पंचायत व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं
🔥 निष्कर्ष
रूपनारायणपुर की यह घटना—
👉 स्थानीय शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही की बड़ी चुनौती को उजागर करती है
👉 महिलाओं की जागरूकता और साहस का मजबूत उदाहरण भी पेश करती है
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन इन गंभीर आरोपों की जांच कर क्या कदम उठाता है।


