रानीगंज: देशभर में जारी आक्रोश के बीच शनिवार को पश्चिम बंगाल के रानीगंज में भी भीम आर्मी ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा था नीट परीक्षा पेपर लीक, छात्रों की आत्महत्या और शिक्षा व्यवस्था की खामियां। संगठन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सड़कों पर उतरकर जमकर नारेबाजी की।
🚨 पंजाबी मोड़ बना विरोध का केंद्र
रानीगंज के पंजाबी मोड़ इलाके में बड़ी संख्या में भीम आर्मी के कार्यकर्ता एकत्र हुए।
- प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए
- “शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो” जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा
- कई घंटों तक विरोध प्रदर्शन जारी रहा
👉 स्थानीय लोगों और राहगीरों की भारी भीड़ भी मौके पर जमा हो गई।
📢 सुशील रुईदास का बड़ा आरोप
भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष सुशील रुईदास ने कहा—
- नीट पेपर लीक जैसी गंभीर घटना के बावजूद अब तक शिक्षा मंत्री से इस्तीफा नहीं लिया गया
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा कथित बर्बरता की गई
- महिला प्रदर्शनकारियों के साथ भी कथित रूप से अशोभनीय व्यवहार हुआ
👉 उन्होंने इसे लोकतंत्र पर हमला बताते हुए कड़ी निंदा की।
🇮🇳 चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में देशव्यापी आंदोलन
सुशील रुईदास ने बताया कि
- भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में पूरे देश में विरोध प्रदर्शन चल रहा है
- रानीगंज में भी उसी कड़ी के तहत आंदोलन किया गया
📄 साथ ही, जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपने की तैयारी की गई, जिसमें प्रमुख मांगें शामिल हैं:
- धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
- आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को ₹1 करोड़ मुआवजा
- भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए सख्त व्यवस्था
⚠️ “नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें” – कन्हैया राम
संगठन के जिला अध्यक्ष कन्हैया राम ने कहा—
👉 “पेपर लीक के कारण लाखों छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ गया है। शिक्षा मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।”
उन्होंने यह भी कहा कि
- छात्रों की आत्महत्या बेहद दुखद और चिंताजनक है
- सरकार को शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लानी होगी
😡 छात्रों और अभिभावकों में गुस्सा
इस पूरे मामले को लेकर
- छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है
- सोशल मीडिया पर भी #NEETLeak और #ResignDharmendraPradhan जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं
👉 कई छात्र संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज होगा।
🔍 क्या होगा आगे?
फिलहाल प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।
- ज्ञापन सौंपे जाने के बाद केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं
- यदि मांगें पूरी नहीं होतीं, तो बड़े स्तर पर आंदोलन की संभावना जताई जा रही है
⚡ निष्कर्ष:
नीट पेपर लीक और छात्रों की आत्महत्या का मुद्दा अब राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बन चुका है।
👉 अब सवाल यह है—
क्या सरकार इस बढ़ते दबाव के बीच कोई बड़ा फैसला लेगी?

