नई दिल्ली: देशभर में चर्चित नीट पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों से जारी अपनी भूख हड़ताल को केंद्र सरकार के आश्वासन के बाद समाप्त कर दिया।
👉 गुरुवार रात उन्होंने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में केंद्रीय मंत्रियों की मौजूदगी में जूस पीकर अपना अनशन तोड़ा।
🏥 अस्पताल में खत्म हुआ अनशन
👉 अनशन खत्म करने के दौरान—
- जेपी नड्डा (केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री)
- डॉ. जितेंद्र सिंह (पीएमओ में राज्य मंत्री)
👉 मौके पर मौजूद रहे
👉 डॉक्टरों की निगरानी में वांगचुक ने जूस ग्रहण कर 26 दिन पुरानी भूख हड़ताल समाप्त की।
📜 सरकार का बड़ा आश्वासन
👉 केंद्र सरकार ने वादा किया है कि—
✔️ परीक्षा सुधारों से जुड़ा नया विधेयक अगले सप्ताह संसद में पेश किया जाएगा
✔️ यह विधेयक कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के तहत लाया जाएगा
👉 इससे छात्रों और अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
🕒 4 घंटे चली अहम बैठक
👉 वांगचुक की बिगड़ती तबीयत और छात्रों के बढ़ते आंदोलन को देखते हुए—
गृह मंत्री अमित शाह ने
- जेपी नड्डा
- डॉ. जितेंद्र सिंह
के साथ करीब 4 घंटे लंबी बैठक की
👉 बैठक में—
✔️ वांगचुक की मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाने
✔️ उनके स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने
पर सहमति बनी।
📞 परिवार से बातचीत, समझाने की कोशिश
👉 बैठक के बाद डॉ. जितेंद्र सिंह ने
गीतांजलि आंगमो (वांगचुक की पत्नी) से फोन पर बात की
👉 सरकार की ओर से आश्वासन देते हुए वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील की गई।
🚨 प्रदर्शनकारियों को राहत का संकेत
👉 सरकार ने यह भी संकेत दिया—
✔️ जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों पर कार्रवाई नहीं होगी
✔️ 20 जुलाई 2026 के संसद मार्च में शामिल लोगों के खिलाफ सख्ती नहीं बरती जाएगी
👉 साथ ही—
- पेपर लीक मुद्दे पर संसद में चर्चा
- आत्महत्या पीड़ितों के लिए मुआवजा
पर भी सकारात्मक रुख दिखाया गया।
🗣️ वांगचुक का संदेश
अनशन समाप्त करने के बाद सोनम वांगचुक ने कहा—
👉 वह लद्दाख लौटने से पहले छात्रों और समर्थकों से मुलाकात करेंगे
👉 आंदोलन को आगे भी शांतिपूर्ण और रचनात्मक तरीके से जारी रखा जाएगा
👉 उन्होंने सभी से धैर्य बनाए रखने की अपील की।
🇮🇳 प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया
👉 अनशन समाप्त होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर—
✔️ वांगचुक के जल्द स्वस्थ होने की कामना की
✔️ डॉक्टरों की सलाह मानने की अपील की
🌟 क्यों है यह बड़ी खबर?
- 26 दिन लंबी भूख हड़ताल का अंत
- परीक्षा सुधार विधेयक लाने का वादा
- सरकार और आंदोलनकारियों के बीच सहमति
- छात्रों के लिए राहत की उम्मीद
✅ निष्कर्ष:
यह घटनाक्रम दिखाता है कि—
👉 लोकतांत्रिक तरीके से किए गए आंदोलन का असर सरकार तक पहुंचता है।
🎯 अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार अपने वादों को कितनी जल्दी और प्रभावी तरीके से लागू करती है।

