आसनसोल (पश्चिम बर्दवान): धार्मिक आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम रविवार को आसनसोल के बुद्धा स्वीपर कॉलोनी में देखने को मिला, जहां पश्चिम बंगाल हरिजाति कल्याण समिति की ओर से श्री श्री शीतला पूजा का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र भक्ति और श्रद्धा के माहौल में पूरी तरह सराबोर नजर आया।
🙏 1976 से चली आ रही परंपरा
👉 यह पूजा वर्ष 1976 से लगातार आयोजित की जा रही है
👉 हर वर्ष की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया
👉 श्रद्धालुओं ने—
✔️ मां शीतला की विधि-विधान से पूजा की
✔️ परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की
🎉 मुख्य अतिथि की उपस्थिति
👉 कार्यक्रम में आसनसोल उत्तर के विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए
👉 उनके साथ अजय यादव विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे
👉 विधायक ने—
👉 मां शीतला के चरणों में माथा टेककर क्षेत्र की खुशहाली की कामना की
👉 आयोजन की सराहना करते हुए इसे सामाजिक एकता का प्रतीक बताया
👥 आयोजन में इनका रहा विशेष योगदान
👉 इस भव्य कार्यक्रम का नेतृत्व अजय यादव ने किया
👉 आयोजन को सफल बनाने में—
✔️ समिति अध्यक्ष अनिल हरि
✔️ रामू हरि, कालिया हरि, श्यामू हरि
✔️ डब्लू, छोटू, पप्पू, विक्रम, चंदन
✔️ एवं हरिजाति कल्याण समिति के सभी सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई
🕯️ भक्ति और उत्साह का संगम
👉 पूजा के दौरान—
✔️ भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया
✔️ श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह से भाग लिया
👉 महिलाओं और युवाओं की भी बड़ी भागीदारी देखने को मिली
👉 पूरा क्षेत्र “जय मां शीतला” के जयघोष से गूंज उठा
🍛 प्रसाद वितरण के साथ समापन
👉 कार्यक्रम के अंत में—
👉 सभी श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया
👉 लोगों ने मिलकर इस पावन अवसर को उत्सव की तरह मनाया
✨ निष्कर्ष
आसनसोल की यह शीतला पूजा—
👉 सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और परंपरा का प्रतीक है
👉 वर्षों पुरानी इस परंपरा ने—
👉 लोगों को एक सूत्र में बांधने का काम किया है
👉 ऐसे आयोजन न केवल आस्था को मजबूत करते हैं,
👉 बल्कि समाज में भाईचारे और सांस्कृतिक विरासत को भी आगे बढ़ाते हैं।

