आसनसोल (पश्चिम बर्दवान): 21 जुलाई को कोलकाता में होने वाली तृणमूल कांग्रेस की ऐतिहासिक सभा को लेकर आसनसोल में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इसी कड़ी में शनिवार को राहा लाइन स्थित तृणमूल कांग्रेस कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें पार्टी के कई दिग्गज नेता शामिल हुए।
📌 बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद?
👉 इस रणनीतिक बैठक में—
✔️ सांसद कल्याण बनर्जी
✔️ सांसद कीर्ति आज़ाद
✔️ पूर्व मंत्री मलय घटक
👉 नेताओं ने कार्यकर्ताओं के साथ—
👉 21 जुलाई की सभा को सफल बनाने की रणनीति पर चर्चा की
🗣️ गुंडा दमन एक्ट पर विवाद
👉 बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में कल्याण बनर्जी ने—
👉 गुंडा दमन एक्ट को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला
👉 उन्होंने कहा—
👉 “इस कानून को जबरदस्ती लागू किया जा रहा है”
👉 “तृणमूल कांग्रेस इसका लगातार विरोध करती रहेगी”
👉 इतना ही नहीं—
👉 उन्होंने विवादित बयान देते हुए कहा कि
👉 “गुंडों ने ही गुंडा एक्ट शुरू किया है”
⚡ अग्निमित्रा पाल का पलटवार
👉 इस बयान पर पश्चिम बंगाल की नगर विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी
👉 उन्होंने कहा—
👉 “इतने दिनों तक गुंडों को संरक्षण देने का काम तृणमूल सरकार करती रही है”
👉 “अब जब जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है, तो उन्हें परेशानी हो रही है”
⚖️ सियासी टकराव तेज
👉 इस बयानबाजी के बाद—
👉 राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है
👉 टीएमसी और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है
📊 21 जुलाई का महत्व
👉 21 जुलाई तृणमूल कांग्रेस के लिए बेहद अहम दिन माना जाता है
👉 हर साल इस दिन को “शहीद दिवस” के रूप में मनाया जाता है
👉 कोलकाता में विशाल जनसभा आयोजित होती है
👉 इस बार—
👉 पार्टी इसे और भव्य बनाने की तैयारी में जुटी है
✨ निष्कर्ष
आसनसोल की यह बैठक—
👉 सिर्फ एक आयोजन की तैयारी नहीं, बल्कि सियासी शक्ति प्रदर्शन का संकेत भी है
👉 एक ओर 21 जुलाई की रैली को लेकर तृणमूल सक्रिय है,
👉 वहीं दूसरी ओर गुंडा दमन एक्ट को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है
👉 अब नजर इस बात पर टिकी है कि—
👉 आने वाले दिनों में यह विवाद और कितना गहराता है
👉 और इसका असर राज्य की राजनीति पर कैसे पड़ता है।

