आसनसोल | विशेष संवाददाता
अपनी विभिन्न मांगों को लेकर वेस्ट बंगाल आईसीटी स्कूल कोऑर्डिनेटर वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्यों ने शुक्रवार को आसनसोल जिला विद्यालय निरीक्षक (DI) कार्यालय के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन ने शिक्षा विभाग और प्रशासन का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
तख्तियों के साथ सड़क पर उतरे कर्मचारी
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में ICT कोऑर्डिनेटरों ने हाथों में तख्तियां लेकर अपनी मांगों को जोरदार तरीके से उठाया। उनकी प्रमुख मांगों में संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण, निर्धारित वेतनमान लागू करना और नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल है।

“सालों से काम, फिर भी नहीं स्थायी नौकरी”
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे लंबे समय से राज्य के विभिन्न स्कूलों में ICT कोऑर्डिनेटर के रूप में कार्य कर रहे हैं। डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने में उनकी अहम भूमिका रही है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अब तक स्थायी नियुक्ति और बुनियादी सुविधाएं नहीं मिली हैं।
सरकार के खिलाफ बढ़ता असंतोष
संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि बार-बार मांग उठाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी है। उनका आरोप है कि सरकार डिजिटल शिक्षा को प्राथमिकता तो देती है, लेकिन उस व्यवस्था को संभालने वाले कर्मचारियों की अनदेखी की जा रही है।

राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में पूरे राज्य में बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि अपनी मांगों का ज्ञापन संबंधित अधिकारियों को सौंपा जाएगा।
क्या बढ़ेगा आंदोलन?
इस विरोध प्रदर्शन के बाद यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले समय में यह मुद्दा और बड़ा रूप ले सकता है। यदि प्रशासन जल्द कोई समाधान नहीं निकालता, तो इसका असर राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
👉 अब देखना होगा कि सरकार ICT कोऑर्डिनेटरों की इन मांगों पर क्या रुख अपनाती है और क्या यह आंदोलन राज्यव्यापी रूप लेता है।


