आसनसोल: आसनसोल नगर निगम के वार्ड संख्या 58 अंतर्गत 5 और 6 नंबर बाउरीपाड़ा में इन दिनों पेयजल संकट ने गंभीर रूप ले लिया है। हालात ऐसे हैं कि लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं, जबकि कई परिवारों ने नल कनेक्शन के नाम पर पहले ही पैसे जमा कर दिए थे।
स्थानीय निवासी श्यामसुंदर बाउरी ने बताया कि उनके इलाके में लंबे समय से पानी की समस्या बनी हुई है। उन्होंने कहा कि कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। उनके अनुसार, “हम लोग शिकायत करते-करते थक चुके हैं, लेकिन आज तक पानी की व्यवस्था नहीं हो पाई।”

वहीं स्थानीय महिला रेणुका बाउरी ने भी नाराजगी जताते हुए कहा कि नल लगाने के लिए पैसे लिए गए, लेकिन आज तक उनके घर में पानी नहीं पहुंचा। उन्होंने बताया कि पहले किसी तरह बाहर से पानी का इंतजाम हो जाता था, लेकिन अब वह भी बंद हो चुका है। इससे खासकर महिलाओं और बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पैसे लेने के बावजूद पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है, तो यह एक गंभीर लापरवाही का मामला है। कई लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में पारदर्शिता की कमी है और जिम्मेदार अधिकारियों को जवाब देना चाहिए।
इसी बीच, बढ़ती नाराजगी और समस्या को देखते हुए कुल्टी विधायक सह राज्य मंत्री डॉ. अजय कुमार पोद्दार के प्रतिनिधि टिंकू वर्मा अपने सहयोगियों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को सुना और स्थिति का जायजा लिया।
टिंकू वर्मा ने कहा कि हाल ही में इलाके में हुई हिंसक झड़प और तनावपूर्ण माहौल के कारण जलापूर्ति बाधित हुई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द पानी की आपूर्ति बहाल की जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच भी की जा रही है, ताकि स्थायी समाधान निकाला जा सके।
फिलहाल, बाउरीपाड़ा के लोग प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के वादों के जल्द जमीन पर उतरने का इंतजार कर रहे हैं। लोगों की मांग है कि जल्द से जल्द पानी की नियमित आपूर्ति शुरू की जाए, ताकि इस भीषण संकट से उन्हें राहत मिल सके।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर शहर की बुनियादी सुविधाओं और उनके क्रियान्वयन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस चुनौती से कैसे निपटता है और कब तक लोगों को राहत मिल पाती है।















