आसनसोल: पश्चिम बर्धमान जिले के आसनसोल-रानीगंज इलाके में वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं पर कथित हमले से जुड़े मामले ने एक बार फिर सियासी हलचल तेज कर दी है। इस मामले में रानीगंज के बल्लभपुर ग्राम पंचायत के उपप्रधान सिधान मंडल को गुरुवार को कड़ी सुरक्षा के बीच आसनसोल अदालत में पेश किया गया।
बताया जा रहा है कि सिधान मंडल को एक दिन पहले बल्लभपुर फाड़ी की पुलिस ने गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उन्हें आज अदालत में पेश किया गया। जैसे ही यह खबर फैली, अदालत परिसर में लोगों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटने लगी और पूरे घटनाक्रम पर सभी की नजरें टिकी रहीं।
अदालत में पेशी के दौरान पत्रकारों ने सिधान मंडल से उनके खिलाफ लगे गंभीर आरोपों को लेकर सवाल किए। इस पर उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उनके खिलाफ लगाए जा रहे सभी आरोप पूरी तरह से झूठे और बेबुनियाद हैं। उन्होंने दावा किया कि उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है और उन्हें साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। उन्होंने खुद को पूरी तरह निर्दोष बताया।

गौरतलब है कि यह मामला 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद हुए कथित राजनीतिक हिंसा से जुड़ा है, जिसमें भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमले के आरोप लगाए गए थे। उसी मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सिधान मंडल को गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है।
सूत्रों के मुताबिक, इस मामले को लेकर भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो सकता है। जहां एक ओर भाजपा इस कार्रवाई को न्याय की दिशा में कदम बता रही है, वहीं दूसरी ओर तृणमूल समर्थक इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दे सकते हैं।
फिलहाल अदालत में इस मामले की सुनवाई जारी है और आगे क्या फैसला आता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। वहीं, सिधान मंडल ने एक बार फिर अदालत परिसर में अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज करते हुए न्यायपालिका पर भरोसा जताया है।















