आसनसोल के बर्नपुर इलाके में रविवार को उस वक्त माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया, जब धर्मांतरण के कथित आरोप को लेकर जमकर हंगामा शुरू हो गया। मामला बर्नपुर स्टेशन रोड स्थित संगम मैरिज हॉल का है, जहां एक कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर हिंदू धर्म के लोगों को ईसाई धर्म में परिवर्तित करने की बात सामने आई।
⚠️ बीजेपी और आरएसएस का आरोप
जानकारी के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सदस्य मौके पर पहुंचे और आरोप लगाया कि पिछले करीब 8 महीनों से इस तरह की गतिविधियां यहां चल रही थीं। उनका कहना है कि उन्हें पहले से शिकायतें मिल रही थीं, और जब वे रविवार को वहां पहुंचे तो कुछ वीडियो देखने के बाद उन्हें संदेह और पुख्ता हो गया।
उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों को शिक्षा, जमीन और आर्थिक सहायता का लालच देकर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा था।
❓ मैरिज हॉल मालिक पर उठे सवाल
बीजेपी और आरएसएस के कार्यकर्ताओं ने बताया कि जब उन्होंने कार्यक्रम आयोजकों से पूछताछ की, तो आयोजकों ने दावा किया कि उन्हें संगम मैरिज हॉल के मालिक द्वारा कार्यक्रम की अनुमति दी गई थी।
इस पर कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाया कि हॉल के उपयोग की अनुमति दी जा सकती है, लेकिन धर्मांतरण जैसी गतिविधियों की अनुमति किसने दी?

🚓 पुलिस की एंट्री और बढ़ता तनाव
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने पुलिस को बुलाया। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की और आयोजकों से लंबी बातचीत की।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जब पुलिस आयोजकों में से एक व्यक्ति को अपने साथ ले जाने लगी, तो भीड़ अचानक आक्रोशित हो गई और उस व्यक्ति के खिलाफ उग्र हो उठी। पुलिस ने किसी तरह उसे भीड़ से सुरक्षित निकालकर वाहन में बैठाया और वहां से रवाना किया।
🚗 गाड़ी में तोड़फोड़, माहौल गरमाया
इस दौरान गुस्साई भीड़ ने आयोजकों की एक गाड़ी को निशाना बनाया और उसमें तोड़फोड़ की। इलाके में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए स्थिति को नियंत्रण में कर लिया।
🔍 जांच की मांग, बढ़ी सियासत
इस पूरे मामले को लेकर अब इलाके में राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हो गई है। स्थानीय लोगों और संगठनों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
👉 फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और इलाके में शांति बनाए रखने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है।















