आसनसोल: विश्व साइकिल दिवस के मौके पर आसनसोल में एक भव्य और उत्साहपूर्ण साइकिल मैराथन रेस का आयोजन किया गया, जिसमें 500 से अधिक लोगों ने भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। पश्चिम बंगाल सरकार की पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम ने पूरे शहर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
इस साइकिल रेस की शुरुआत आसनसोल के पोलो ग्राउंड से हुई। प्रतिभागी वहां से भगत सिंह मोड़ तक पहुंचे और फिर वापस पोलो ग्राउंड आकर रेस का समापन किया। पूरे मार्ग में प्रतिभागियों का जोश देखने लायक था।
इस आयोजन की खास बात यह रही कि इसमें हर आयु वर्ग के लोग शामिल हुए—बुजुर्ग, युवा और बच्चे सभी ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कई परिवारों ने एक साथ भाग लेकर इस कार्यक्रम को एक सामाजिक उत्सव का रूप दे दिया।

आयोजकों ने बताया कि इस साइकिल रेस का मुख्य उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना और प्रदूषण मुक्त समाज का संदेश देना था। बढ़ते प्रदूषण के बीच साइकिल को एक बेहतर विकल्प के रूप में प्रस्तुत किया गया।
प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों में जबरदस्त उत्साह देखा गया। कई लोगों ने न केवल रेस पूरी की, बल्कि पर्यावरण बचाने का संकल्प भी लिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित कर उनका उत्साह बढ़ाया गया।
कार्यक्रम में शामिल लोगों का कहना था कि साइकिल का नियमित उपयोग स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद है। इससे न केवल शरीर फिट रहता है, बल्कि पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता भी कम होती है, जिससे प्रदूषण घटाने में मदद मिलती है।
स्थानीय प्रशासन और आयोजकों ने इस तरह के आयोजनों को भविष्य में और बड़े स्तर पर करने की योजना भी जताई है, ताकि अधिक से अधिक लोग इससे जुड़ सकें।
👉 कुल मिलाकर, आसनसोल में आयोजित यह साइकिल मैराथन सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि एक जनआंदोलन की तरह साबित हुआ, जिसने लोगों को फिटनेस और पर्यावरण दोनों के प्रति जागरूक किया।
















