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जामुड़िया में बिजली कटौती के खिलाफ फूटा जनआक्रोश, ईसीएल कार्यालय का घेराव

Moutushi · 5 June 2026, 5:30 PM

जामुड़िया: ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) द्वारा विद्युत आपूर्ति बंद करने के नोटिस के खिलाफ शुक्रवार को जामुड़िया के कुनुस्तोड़िया क्षेत्र में जबरदस्त जनआक्रोश देखने को मिला। वर्षों से ईसीएल की बिजली सेवा पर निर्भर स्थानीय निवासियों ने इस फैसले के विरोध में ईसीएल के महाप्रबंधक (जीएम) कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया।

सुबह से ही बड़ी संख्या में महिला और पुरुष जीएम कार्यालय के सामने जुटने लगे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जामुड़िया थाना के केंदा फाड़ी की पुलिस और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवानों को मौके पर तैनात किया गया, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि हाल ही में ईसीएल प्रबंधन द्वारा जारी नोटिस में यह कहा गया है कि कंपनी द्वारा दी जा रही बिजली आपूर्ति को चरणबद्ध तरीके से बंद किया जाएगा। इस घोषणा के बाद से ही इलाके में चिंता और असंतोष का माहौल बना हुआ है।

निवासियों का कहना है कि वे वर्षों से इसी व्यवस्था के तहत जीवनयापन कर रहे हैं, लेकिन बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के बिजली सेवा बंद करने का फैसला पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। उनका कहना है कि बिजली कटने से उनकी रोजमर्रा की जिंदगी, बच्चों की पढ़ाई और छोटे-मोटे व्यवसाय पूरी तरह प्रभावित हो जाएंगे।

इस विरोध प्रदर्शन में भाजपा नेता सुनील नोनिया, राकेश गिरी, अरुण कुमार प्रसाद, सीमा सिंह, अजीत राम और उत्तम बाउरी सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। भाजपा नेता अरुण कुमार प्रसाद ने आरोप लगाया कि क्षेत्र के गरीब और सामान्य लोगों को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि प्रभावशाली लोग अब भी ईसीएल के क्वार्टरों में रह रहे हैं और कई निजी उद्योग ईसीएल की जमीन का उपयोग कर रहे हैं।

वहीं भाजपा महिला मोर्चा की नेत्री सीमा सिंह ने कहा कि कुनुस्तोड़िया कोलियरी प्रबंधन गरीब परिवारों को अनावश्यक रूप से परेशान कर रहा है। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में लगभग एक हजार लोग रहते हैं और उनकी दैनिक जरूरतें पूरी तरह बिजली पर निर्भर हैं।

प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों ने नारेबाजी, धरना और विरोध के जरिए अपना गुस्सा जाहिर किया। बाद में प्रतिनिधियों और ईसीएल अधिकारियों के बीच बातचीत हुई, जिसमें प्रबंधन की ओर से आश्वासन दिया गया कि फिलहाल किसी भी उपभोक्ता का बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा।

हालांकि, इस आश्वासन के बावजूद लोगों के मन में भविष्य को लेकर चिंता बनी हुई है। ईसीएल के किसी वरिष्ठ अधिकारी ने इस मामले पर मीडिया के सामने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया, जिससे अनिश्चितता और बढ़ गई है।

फिलहाल आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया है, लेकिन कुनुस्तोड़िया क्षेत्र के हजारों लोगों के बीच अब भी यह सवाल बना हुआ है कि आने वाले दिनों में उनकी बिजली व्यवस्था का क्या होगा।

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