आसनसोल: पश्चिम बर्धमान जिले के बांकोला इलाके में शुक्रवार को उस समय सियासी हलचल तेज हो गई, जब तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती के आवास के पास स्थित एक गोदाम से कथित तौर पर सरकारी तिरपाल और अन्य सामग्रियों के मिलने का आरोप सामने आया। इस घटना के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
घटना की खबर फैलते ही इलाके में तनाव का माहौल बन गया। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय बल के जवानों को भी मौके पर तैनात किया गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि ये सरकारी सामग्रियां आम जनता के लिए थीं, लेकिन इन्हें गोदाम में जमा कर रखा गया था।
भाजपा नेताओं ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए दावा किया कि चुनाव के बाद जिले के विभिन्न हिस्सों में कई तृणमूल नेताओं के घरों या उनके आसपास से इस तरह की सरकारी सामग्री मिलने के आरोप सामने आ रहे हैं। उनका कहना है कि इससे सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता और वितरण प्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

प्रदर्शन में शामिल भाजपा समर्थकों ने आरोप लगाया कि जिन संसाधनों का उपयोग जनहित में होना चाहिए था, उन्हें गोदाम में छिपाकर रखा गया। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
वहीं, खबर लिखे जाने तक तृणमूल कांग्रेस की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। प्रशासनिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि बरामद बताई जा रही सामग्री वास्तव में सरकारी है या नहीं, और वह गोदाम तक कैसे पहुंची।
सूत्रों के अनुसार, इस मामले ने स्थानीय राजनीति में हलचल मचा दी है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और भी गरमा सकता है। फिलहाल सभी की नजर प्रशासनिक जांच और उसके नतीजों पर टिकी हुई है।















