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आसनसोल-दुर्गापुर

नवान्न में बड़ी बैठक! करण अडानी से मिले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, बंगाल में निवेश के संकेत

Moutushi · 4 June 2026, 10:45 AM

पश्चिम बंगाल की राजनीति और उद्योग जगत में बुधवार को उस समय हलचल तेज हो गई, जब नवान्न में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और अडानी समूह के प्रमुख अधिकारियों में से एक करण अडानी के बीच अहम बैठक हुई। इस मुलाकात को राज्य में बड़े निवेश की संभावनाओं के रूप में देखा जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में बुनियादी ढांचे के विकास, बिजली उत्पादन, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और ग्रीनफील्ड सड़क परियोजनाओं जैसे कई अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। माना जा रहा है कि राज्य में औद्योगिक माहौल को मजबूत करने के लिए सरकार अब सक्रिय रूप से बड़े कॉरपोरेट समूहों को आकर्षित करने की रणनीति पर काम कर रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि सरकार परिवर्तन के बाद यह पहली बड़ी कॉरपोरेट स्तर की बैठक है, जिसने उद्योग जगत का ध्यान अपनी ओर खींचा है। लंबे समय से पश्चिम बंगाल को निवेश के मामले में पिछड़ा माना जाता रहा है, लेकिन अब हालात बदलते दिख रहे हैं।

गौरतलब है कि अतीत में अडानी समूह और राज्य सरकार के बीच संबंध बहुत सहज नहीं रहे थे। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान ताजपुर गहरे समुद्री बंदरगाह परियोजना के लिए गौतम अडानी समूह को टेंडर मिला था, लेकिन विभिन्न प्रशासनिक और नीतिगत अड़चनों के कारण यह परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी। अंततः टेंडर रद्द कर दिया गया और अडानी समूह ने राज्य से दूरी बना ली थी।

लेकिन अब एक बार फिर अडानी समूह की बंगाल में रुचि दिखना यह संकेत देता है कि पुराने विवादों को पीछे छोड़कर नई शुरुआत की जा रही है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बंदरगाह, सड़क, बिजली और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश होता है, तो इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।

हालांकि इस बैठक के बाद अभी तक किसी विशेष परियोजना या निवेश राशि की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन जिस तरह से यह संवाद हुआ है, उससे भविष्य में बड़े निवेश की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

फिलहाल, नवान्न की यह बैठक पश्चिम बंगाल में औद्योगिक विकास की दिशा में एक मजबूत संकेत के रूप में देखी जा रही है, जिसने राज्य के विकास को लेकर नई उम्मीदें जगा दी हैं।

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