आसनसोल: पश्चिम बंगाल के आसनसोल नगर निगम में उस समय हड़कंप मच गया जब तृणमूल कांग्रेस के पार्षद तरुण चक्रवर्ती को सरकारी तिरपाल चोरी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। सोमवार देर रात आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के तहत आसनसोल साउथ थाना की पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया।
मंगलवार सुबह पुलिस ने तरुण चक्रवर्ती को आसनसोल अदालत में पेश किया, जहां से आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई। सूत्रों के मुताबिक, पार्षद के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिससे इस गिरफ्तारी को और गंभीर माना जा रहा है।

बताया जा रहा है कि सरकारी तिरपाल, जो आमतौर पर आपदा राहत या जरूरतमंदों के लिए उपयोग किया जाता है, उसके दुरुपयोग और चोरी के आरोप में यह कार्रवाई की गई है। पुलिस अब इस मामले में यह भी जांच कर रही है कि क्या इसमें कोई बड़ा रैकेट या अन्य लोग भी शामिल हैं।
इस घटना के बाद तृणमूल कांग्रेस के अंदर हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सत्ता परिवर्तन के बाद यह पहला मौका है जब आसनसोल नगर निगम के किसी पार्षद की इस तरह गिरफ्तारी हुई है, जिससे राजनीतिक माहौल और भी गरमा गया है।
स्थानीय लोगों के बीच भी इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल है। कुछ लोग इसे प्रशासन की सख्ती बता रहे हैं, तो कुछ इसे राजनीतिक दबाव का नतीजा मान रहे हैं।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है और आने वाले दिनों में इस केस में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।















