बर्नपुर: बर्नपुर में सेल आईएसपी द्वारा चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान ने अब जोर पकड़ लिया है। कारखाने और शहर के नवीनीकरण की योजना के तहत अवैध कब्जों को हटाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। इस क्रम में बर्नपुर मार्केट और आसपास के क्षेत्रों में स्थित कई अवैध दुकानों को हटाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
प्रशासन की ओर से पहले ही नोटिस जारी कर दुकानदारों को चेतावनी दी गई थी कि वे अपनी दुकानें और सामान हटा लें। इसके बावजूद अब बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माणों को तोड़ा जा रहा है, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
इस कार्रवाई का सबसे बड़ा असर छोटे दुकानदारों और उनके परिवारों पर पड़ा है। वर्षों से दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करने वाले इन लोगों के सामने अब रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। कई दुकानदारों का कहना है कि उनके पास आय का कोई दूसरा साधन नहीं है और दुकान हटने के बाद वे बेरोजगार हो जाएंगे।

इसी गंभीर स्थिति को लेकर प्रभावित दुकानदारों और उनके परिवारों ने भारतीय जनता पार्टी की नेता एवं मंत्री अग्निमित्रा पाल से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अपनी समस्याएं विस्तार से रखीं और सरकार से राहत की मांग की। दुकानदारों ने कहा कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के इस तरह की कार्रवाई उनके जीवन को पूरी तरह प्रभावित कर रही है।
मंत्री अग्निमित्रा पाल ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और भरोसा दिलाया कि वे इस मुद्दे को संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाएंगी। उन्होंने कहा कि आम लोगों के हितों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए और इस मामले में संतुलित समाधान निकालने की आवश्यकता है।
वहीं प्रशासन का कहना है कि यह अभियान शहर के विकास और सुव्यवस्थित व्यवस्था के लिए जरूरी है। अधिकारियों के अनुसार, अतिक्रमण हटने से यातायात और अन्य बुनियादी सुविधाओं में सुधार होगा।
फिलहाल बर्नपुर में यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बना हुआ है। एक ओर विकास की जरूरत है, तो दूसरी ओर आम लोगों की आजीविका का सवाल भी खड़ा है। ऐसे में आगे क्या फैसला होता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।















