Thursday, 5 November 2026
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बंगाल

“ममता के शासन में हर दिन होती थी घुसपैठ” – अमित शाह का बड़ा हमला

Moutushi · 29 May 2026, 10:59 AM

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर घुसपैठ और सीमा सुरक्षा का मुद्दा गरमा गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को गांधीनगर में आयोजित एक सभा में बड़ा बयान देते हुए कहा कि ममता बनर्जी के शासनकाल में हर दिन सीमा पार से घुसपैठ होती थी।

उन्होंने दावा किया कि केंद्र में उनकी सरकार आने के बाद स्थिति में बड़ा बदलाव आया है और अब घुसपैठ पर सख्ती से रोक लगाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।

🚨 शुभेंदु अधिकारी के फैसले की तारीफ

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना करते हुए अमित शाह ने कहा कि राज्य सरकार ने सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण पहल की है।

👉 बीएसएफ को जमीन देने की प्रक्रिया शुरू
👉 घुसपैठियों की पहचान और निष्कासन अभियान तेज
👉 सीमा पर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की तैयारी

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने जानकारी दी कि अब तक राज्य सरकार द्वारा कुल 142.79 एकड़ जमीन सीमा सुरक्षा बल को सौंपी जा चुकी है। इस जमीन पर जल्द ही कंटीले तारों की बाड़ और नए आउटपोस्ट बनाए जाएंगे।

📍 किन जिलों में सबसे ज्यादा जमीन?

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक जमीन मुर्शिदाबाद जिले में दी गई है, जो लंबे समय से घुसपैठ के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है।

🛑 घुसपैठ पर सख्त नीति

अमित शाह ने अपने संबोधन में यह भी स्पष्ट किया कि जो बांग्लादेशी घुसपैठिए स्वेच्छा से वापस लौटना चाहते हैं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी।

हालांकि, जो लोग नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के दायरे में नहीं आते, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें बीएसएफ के हवाले कर वापस भेजा जाएगा।

🔍 केंद्र सरकार का बड़ा कदम

सीमावर्ती इलाकों में जनसंख्या के स्वरूप में बदलाव को लेकर भी केंद्र सरकार सतर्क हो गई है।

👉 उच्चस्तरीय समिति का गठन
👉 सीमा से 50 किलोमीटर के दायरे में निगरानी के निर्देश
👉 सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड में रखा गया

📌 राजनीतिक संदेश क्या है?

विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान सिर्फ सुरक्षा मुद्दा नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा संदेश भी है।

👉 केंद्र बनाम राज्य की राजनीति तेज
👉 घुसपैठ का मुद्दा चुनावी एजेंडा बन सकता है
👉 आने वाले समय में और सख्ती संभव

🧭 निष्कर्ष

पश्चिम बंगाल में घुसपैठ को लेकर केंद्र और राज्य के बीच सियासी जंग तेज हो गई है। अमित शाह के बयान और शुभेंदु अधिकारी के फैसलों ने इस मुद्दे को एक बार फिर राष्ट्रीय बहस के केंद्र में ला दिया है।

अब देखना यह होगा कि इन कदमों का जमीनी असर कितना पड़ता है और क्या वाकई सीमा सुरक्षा की स्थिति में बड़ा बदलाव आता है।

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