पश्चिम बर्दवान के सालानपुर थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) की हाइड्रा वाहन की टक्कर से एक साइकिल सवार की मौके पर ही मौत हो गई।
यह हादसा फूलबेड़िया हनुमान मंदिर ट्रांसपोर्ट रोड इलाके में हुआ, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। गुस्साए स्थानीय लोगों ने दुर्घटनाग्रस्त हाइड्रा वाहन को घेर लिया और सड़क पर शव रखकर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया।
⚠️ कैसे हुआ हादसा?
स्थानीय लोगों के अनुसार मृतक की पहचान मंगल बाउरी (45) के रूप में हुई है, जो जेमारी गांव के निवासी थे और फूलबेड़िया में घर जमाई के रूप में रह रहे थे।
👉 बुधवार सुबह वह रोज की तरह साइकिल से काम पर जा रहे थे
👉 रास्ते में साइकिल खराब होने पर वापस लौट रहे थे
👉 तभी हनुमान मंदिर के पास तेज रफ्तार हाइड्रा ने टक्कर मार दी
👉 टक्कर इतनी भीषण थी कि मौके पर ही उनकी मौत हो गई
हादसे के तुरंत बाद चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया।
😡 गुस्से में फूटे स्थानीय लोग
घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा—
👉 शव को सड़क पर रखकर विरोध प्रदर्शन
👉 हाइड्रा वाहन को घेरकर नारेबाजी
👉 सड़क जाम कर मुआवजे की मांग
लोगों का साफ कहना है कि जब तक पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
🏛️ मौके पर पहुंची पुलिस और केंद्रीय बल
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और केंद्रीय बल मौके पर पहुंच गए। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन लोगों का गुस्सा लंबे समय तक शांत नहीं हुआ।
📢 ईसीएल पर गंभीर आरोप
स्थानीय लोगों ने ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) पर गंभीर आरोप लगाए—
👉 इलाके में पहले भी कई हादसे हो चुके हैं
👉 सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह लापरवाह
👉 भारी वाहनों को प्रशिक्षित ड्राइवर की जगह खलासी चला रहे हैं
लोगों का कहना है कि यही लापरवाही लगातार लोगों की जान ले रही है।
👨👩👧👦 परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मंगल बाउरी अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले थे। उनके पीछे पत्नी और दो बच्चे हैं।
👉 परिवार पर आर्थिक संकट गहराया
👉 परिजनों ने न्याय और मुआवजे की मांग की
👉 गांव में शोक का माहौल
⚠️ निष्कर्ष
फूलबेड़िया का यह हादसा एक बार फिर से भारी वाहनों की लापरवाही और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है।
👉 स्थानीय लोग अब सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं
👉 प्रशासन पर दबाव बढ़ता जा रहा है
अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसे हादसे आगे भी लोगों की जान लेते रहेंगे।















