देश में एक बार फिर पेट्रोल और डीजल की कीमतों ने आम जनता की चिंता बढ़ा दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील के कुछ ही दिनों बाद, मंगलवार से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। खास बात यह है कि पिछले पांच दिनों में यह दूसरी बार है जब तेल कंपनियों ने दाम बढ़ाए हैं, जिससे महंगाई को लेकर लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
⛽ बड़े शहरों में नए रेट
- कोलकाता में पेट्रोल 96 पैसे बढ़कर 109.70 रुपये प्रति लीटर हो गया है, जबकि डीजल 94 पैसे बढ़कर 96.08 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है।
- दिल्ली में पेट्रोल 87 पैसे महंगा होकर 98.64 रुपये प्रति लीटर और डीजल 91 पैसे बढ़कर 91.58 रुपये प्रति लीटर हो गया है।
- मुंबई में पेट्रोल 91 पैसे बढ़कर 107.59 रुपये प्रति लीटर और डीजल 94 पैसे बढ़कर 94.08 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।
- चेन्नई में पेट्रोल 82 पैसे बढ़कर 104.49 रुपये प्रति लीटर और डीजल 86 पैसे बढ़कर 96.11 रुपये प्रति लीटर हो गया है।
इससे पहले शुक्रवार को भी कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी देखी गई थी, जिससे साफ है कि तेल की कीमतों में लगातार अस्थिरता बनी हुई है।
🌍 क्यों बढ़ रहे हैं दाम?
विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी तनाव और अस्थिरता के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए वैश्विक कीमतों का सीधा असर देश के बाजार पर पड़ता है।
इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और परिवहन लागत भी कीमतों को प्रभावित करती है।
📢 प्रधानमंत्री की अपील
10 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ईंधन की खपत कम करने की अपील की थी। उन्होंने सुझाव दिया था कि:
- जहां मेट्रो उपलब्ध हो, वहां उसका ज्यादा इस्तेमाल करें
- कारपूलिंग को बढ़ावा दें
- जरूरत पड़ने पर वर्क फ्रॉम होम अपनाएं
प्रधानमंत्री ने कहा था कि ईंधन आयात पर खर्च होने वाली विदेशी मुद्रा को बचाना देश की जिम्मेदारी है।
💸 आम जनता पर असर
लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है।
- परिवहन महंगा होने से खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा की चीजों की कीमतें बढ़ सकती हैं
- टैक्सी, ऑटो और बस किराए में बढ़ोतरी की संभावना
- छोटे व्यापारियों और मध्यम वर्ग पर अतिरिक्त बोझ
🔍 निष्कर्ष
लगातार बढ़ते पेट्रोल-डीजल के दामों ने एक बार फिर महंगाई की चिंता को हवा दे दी है। जहां सरकार ईंधन बचाने की अपील कर रही है, वहीं अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के चलते कीमतों में राहत मिलती फिलहाल नजर नहीं आ रही।
👉 आने वाले दिनों में तेल की कीमतें और बढ़ती हैं या स्थिर होती हैं—इस पर देशभर की नजरें टिकी हुई हैं।















