राज्य की नई सरकार ने अपनी दूसरी मंत्रिमंडल बैठक में कई बड़े और चौंकाने वाले फैसले लिए हैं। जहां एक तरफ सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ता (DA) बढ़ने की उम्मीद थी, वहीं इस मुद्दे पर कोई ठोस निर्णय न लेकर सरकार ने suspense और बढ़ा दिया है। हालांकि, सरकार ने वेतन ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए सातवें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है, जिसे कर्मचारियों के लिए भविष्य में बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।
बैठक के बाद महिला, बाल एवं समाज कल्याण तथा नगर एवं शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल ने इन फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों के हित में चरणबद्ध तरीके से काम करेगी और DA पर भी आने वाले समय में चर्चा की जाएगी।
🚫 धर्म आधारित योजनाओं पर बड़ा फैसला
सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाते हुए धर्म आधारित अनुदान योजनाओं को बंद करने का निर्णय लिया है। सूचना एवं संस्कृति विभाग, अल्पसंख्यक मामलों के विभाग और मदरसा शिक्षा विभाग के अंतर्गत चल रही कई योजनाएं जून महीने से बंद कर दी जाएंगी। हालांकि किन-किन योजनाओं पर रोक लगेगी, इसकी विस्तृत सूची अभी जारी नहीं की गई है।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि व्यावसायिक प्रशिक्षण से जुड़ी योजनाओं को बंद नहीं किया जाएगा, जिससे रोजगार के अवसर प्रभावित न हों।
💰 ‘अन्नपूर्णा भंडार’ योजना: महिलाओं के लिए बड़ा तोहफा
चुनाव के दौरान किया गया वादा अब पूरा होता दिख रहा है। सरकार ने ‘अन्नपूर्णा भंडार’ योजना को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है, जिसके तहत महिलाओं को मासिक 3000 रुपये की सहायता दी जाएगी।
- जो महिलाएं पहले लक्ष्मी भंडार योजना का लाभ ले रही थीं, उनका नाम स्वतः नई योजना में ट्रांसफर होगा
- पैसा सीधे बैंक खाते में भेजा जाएगा
- नई लाभार्थी महिलाएं भी जल्द आवेदन कर सकेंगी
- इसके लिए जल्द ही एक पोर्टल लॉन्च किया जाएगा
दिलचस्प बात यह है कि सीएए के तहत आवेदन करने वाले या वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए ट्राइब्यूनल में आवेदन करने वाले लोग भी इस योजना का लाभ ले सकेंगे।
🚌 महिलाओं के लिए फ्री बस यात्रा
सरकार ने अपने वादे के अनुसार 1 जून से महिलाओं के लिए सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा को मंजूरी दे दी है। अब महिलाएं छोटी से लंबी दूरी तक बिना किराया दिए यात्रा कर सकेंगी।
हालांकि, अभी बसों की संख्या नहीं बढ़ाई जाएगी। सरकार ने संकेत दिया है कि बजट के बाद इलेक्ट्रिक बसों की खरीदारी की जाएगी।
📊 OBC आरक्षण और कानूनी जटिलताओं पर फैसला
पिछली सरकार के समय OBC प्रमाणपत्र को लेकर उत्पन्न विवादों को सुलझाने के लिए भी कैबिनेट ने बड़ा निर्णय लिया है।
- हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुसार OBC आरक्षण की सीमा की समीक्षा होगी
- राज्य की OBC सूची का पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा
- उपवर्गीकरण खत्म करने पर विचार किया जाएगा
- नए सिरे से जांच कराई जाएगी
🏙️ नगर सेवाओं और टैक्स पर राहत
सरकार ने साफ किया है कि संपत्ति कर में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। साथ ही नगरपालिकाओं में:
- सड़क मरम्मत
- स्ट्रीट लाइट
- सफाई व्यवस्था
जैसी सेवाएं बिना बाधा जारी रहेंगी। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस पर सख्त निर्देश दिए हैं।
📅 हर 15 दिन में होगी कैबिनेट बैठक
सरकार ने फैसला लिया है कि अब हर 15 दिन में मंत्रिमंडल की बैठक होगी, जिससे फैसलों में तेजी लाई जा सके। मंत्री अग्निमित्रा पाल ने कहा कि DA का मुद्दा बेहद महत्वपूर्ण है और आने वाले समय में इस पर चरणबद्ध चर्चा की जाएगी।
🔍 निष्कर्ष (Conclusion)
नई सरकार ने एक साथ कई बड़े फैसले लेकर साफ कर दिया है कि वह प्रशासनिक और सामाजिक बदलाव के लिए आक्रामक रणनीति अपना रही है। जहां सातवें वेतन आयोग से कर्मचारियों को उम्मीद जगी है, वहीं DA पर फैसला टलने से असंतोष भी दिख सकता है। दूसरी ओर, महिलाओं और सामाजिक योजनाओं पर फोकस सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करता है।
👉 आने वाले दिनों में DA और योजनाओं पर सरकार के अगले कदम पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।















