सालानपुर/आसनसोल: कोल इंडिया की सहायक कंपनी ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) के सालानपुर स्थित जीएम कार्यालय में उस समय हड़कंप मच गया, जब टेंडर प्रक्रिया को लेकर एक ठेकेदार ने गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।
⚠️ टेंडर को लेकर उठा विवाद
घटना के केंद्र में हैं ठेकेदार विलेश्वर राय, जिन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें जानबूझकर टेंडर प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया।
👉 उनके अनुसार, उन्होंने लगभग 26 लाख रुपये का टेंडर भरा था
👉 प्रक्रिया में उनका स्थान पांचवें नंबर पर था
👉 टेंडर तीन वाहनों के आधार पर आवंटित होना था
➡️ इसके बावजूद उनका टेंडर अचानक रद्द कर दिया गया, जिससे सवाल खड़े हो गए
💰 रिश्वतखोरी या गड़बड़ी?
👉 विलेश्वर राय का आरोप है कि जिन आवेदकों ने उनसे करीब 41 हजार रुपये ज्यादा का टेंडर डाला
👉 अधिकारियों द्वारा उसी को प्राथमिकता दी जा रही है
➡️ इस पूरे मामले को लेकर उन्होंने पारदर्शिता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए हैं
😡 जवाब मांगने पर अभद्र व्यवहार का आरोप
👉 जब विलेश्वर राय इस मुद्दे को लेकर जीएम कार्यालय पहुंचे
👉 और अधिकारियों से जवाब मांगने की कोशिश की
➡️ उनका आरोप है कि उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया
👉 इससे नाराज़ होकर उन्होंने कार्यालय परिसर में विरोध शुरू कर दिया, जो देखते ही देखते हंगामे में बदल गया
🚨 कार्यालय परिसर में तनावपूर्ण माहौल
👉 घटना के बाद पूरे जीएम कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई
👉 बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए
👉 स्थिति कुछ समय के लिए पूरी तरह तनावपूर्ण बनी रही
➡️ स्थानीय सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा कर्मियों को स्थिति संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी
🤐 जीएम की चुप्पी पर उठे सवाल
👉 जब इस पूरे मामले में जीएम से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई
👉 तो उन्होंने कोई भी टिप्पणी करने से साफ इनकार कर दिया
➡️ उनकी इस चुप्पी ने मामले को और भी संदिग्ध बना दिया है
🔎 बढ़ सकती है जांच की मांग
👉 स्थानीय लोगों और अन्य ठेकेदारों के बीच भी इस घटना को लेकर चर्चा तेज हो गई है
👉 कई लोग इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं
🔚 निष्कर्ष:
ईसीएल के जीएम कार्यालय में हुआ यह हंगामा—
👉 सिर्फ एक टेंडर विवाद नहीं, बल्कि सिस्टम की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल बनकर उभरा है
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या सच सामने आ पाता है या नहीं।















