रानीगंज: पश्चिम बर्दवान के रानीगंज स्थित एनएसबी रोड पर तारबंगला नौका बिल्डिंग के सामने वर्षों से उपेक्षित पड़ा हनुमान मंदिर अब एक नई शुरुआत का गवाह बना है। स्थानीय निवासियों और भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ताओं के संयुक्त प्रयास से मंदिर को अवैध कब्जे से मुक्त कराकर फिर से पूजा-अर्चना शुरू की गई।
🛕 दशकों बाद लौटी आस्था
👉 यह मंदिर लंबे समय से उपेक्षा और अव्यवस्था का शिकार था
👉 परिसर में गंदगी और असामाजिक गतिविधियों का अड्डा बन चुका था
👉 स्थानीय लोगों ने इसे क्षेत्र के लिए चिंता का विषय बताया
➡️ अब उसी स्थान पर फिर से भक्ति का माहौल लौट आया है
⚡ 1992 के बाद बदली थी तस्वीर
👉 स्थानीय लोगों के अनुसार, वर्ष 1992 के अयोध्या आंदोलन के दौरान मंदिर में तोड़फोड़ और आगजनी हुई थी
👉 इसके बाद धीरे-धीरे असामाजिक तत्वों ने कब्जा जमा लिया
👉 कई वर्षों तक मंदिर अपनी पहचान खोता रहा
➡️ मंगलवार को इस स्थिति को बदलने की पहल की गई
🚨 संयुक्त अभियान से हुआ कब्जामुक्त
👉 स्थानीय निवासियों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने मिलकर सफाई अभियान चलाया
👉 पूरे मंदिर परिसर को साफ-सुथरा किया गया
👉 दीप प्रज्वलित कर पूजा-अर्चना की शुरुआत की गई
➡️ मौके पर धार्मिक और उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला
👥 इन लोगों ने निभाई अहम भूमिका
इस अभियान में मुख्य रूप से—
👉 दिनेश सोनी
👉 महेश जोशी
👉 दीपक पंडित
👉 राजू मिस्त्री
👉 रोहित शर्मा
👉 दिनेश शर्मा
👉 अलखदेव पांडे
सहित कई कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
🌿 इलाके में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद
👉 स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर के पुनरुद्धार से सामाजिक वातावरण बेहतर होगा
👉 असामाजिक गतिविधियों पर भी रोक लगेगी
👉 क्षेत्र में धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियां बढ़ेंगी
🔚 निष्कर्ष:
रानीगंज का यह हनुमान मंदिर—
👉 सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि लोगों की आस्था और एकता का प्रतीक बन गया है
दशकों बाद जली यह लौ अब इलाके में नई उम्मीद और सकारात्मक बदलाव का संदेश दे रही है! 🚩















