आसनसोल: पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों EVM स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा को लेकर हलचल तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी द्वारा कथित गड़बड़ी की आशंका जताने के बाद राज्यभर में पार्टी कार्यकर्ता और उम्मीदवार सक्रिय हो गए हैं।
इसी कड़ी में आसनसोल के आसनसोल इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में बनाए गए स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर भी तृणमूल कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं का जमावड़ा देखा गया, जहां लगातार निगरानी रखी जा रही है।
🚨 मौके पर पहुंचा प्रशासन, किया निरीक्षण
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए—
👉 पश्चिम बर्दवान जिला प्रशासन के अधिकारी
👉 आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट की टीम
मौके पर पहुंची और पूरे सुरक्षा इंतजाम का जायजा लिया।
👉 निरीक्षण के बाद जिला शासक एस पन्ना बलम ने स्पष्ट किया—
➡️ स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा पूरी तरह मजबूत है
➡️ सभी प्रक्रियाएं चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार हो रही हैं
🔐 तीन-स्तरीय सुरक्षा में बंद EVM
प्रशासन के अनुसार—
👉 स्ट्रॉन्ग रूम में प्रवेश के लिए तीन स्तर की सुरक्षा जांच अनिवार्य है
👉 हर गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है
➡️ बिना अनुमति किसी को भी अंदर जाने की इजाजत नहीं है
➡️ सुरक्षा में कोई ढिलाई नहीं बरती जा रही
📹 CCTV के जरिए 24 घंटे निगरानी
👉 स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर विशेष निगरानी कक्ष बनाया गया है
👉 यहां से CCTV कैमरों के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है
👉 सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी—
➡️ लगातार स्क्रीन पर नजर बनाए हुए हैं
➡️ पारदर्शिता सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं
🗣️ क्या बोले नेता?
इस पूरे घटनाक्रम पर गुरुदास चटर्जी ने कहा—
👉 फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य है
👉 सभी दल सतर्क हैं
👉 प्रशासन अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है
⚡ सियासी तनाव के बीच बढ़ी चौकसी
👉 ममता बनर्जी के बयान के बाद राज्यभर में सतर्कता बढ़ी है
👉 हर स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं
➡️ चुनाव परिणाम से पहले ही माहौल गर्म
➡️ हर दल अपनी-अपनी जीत को लेकर सजग
🔚 निष्कर्ष:
आसनसोल में EVM स्ट्रॉन्ग रूम को लेकर बढ़ती हलचल साफ संकेत दे रही है कि—
👉 चुनाव सिर्फ वोटिंग तक सीमित नहीं
👉 अब निगरानी और पारदर्शिता की लड़ाई भी उतनी ही अहम हो गई है
अब सबकी नजर मतगणना के दिन पर टिकी है—क्या वाकई सब कुछ सुरक्षित है या फिर सियासी विवाद और गहराएगा? ⚠️















