बर्धमान: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे सियासी पारा चढ़ता जा रहा है। खासकर पूर्व बर्धमान और पश्चिम बर्धमान जिलों में चुनावी हलचल अपने चरम पर पहुंच गई है।
एक ओर जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज कालना में विशाल जनसभा करने जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 13 अप्रैल को कांकसा में शक्ति प्रदर्शन करेंगी।
🚁 कालना में पीएम मोदी की मेगा रैली
कालना के धात्रीग्राम स्थित शिमलन मैदान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘विजय संकल्प सभा’ आयोजित की जा रही है।
👉 रैली से पहले मैदान में बनाए गए अस्थायी हेलीपैड पर
👉 सेना के हेलीकॉप्टर द्वारा सफल लैंडिंग ट्रायल किया गया
👉 मंच निर्माण का कार्य पूरा
👉 सुबह करीब 9:30 बजे संबोधन की संभावना
इस सभा के जरिए प्रधानमंत्री जिले के 16 भाजपा उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार करेंगे।
👉 सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी एसपीजी ने संभाल ली है
👉 पूरे इलाके को कड़े सुरक्षा घेरे में रखा गया है
🔥 कांकसा में ममता बनर्जी का शक्ति प्रदर्शन
प्रधानमंत्री की रैली के ठीक बाद, 13 अप्रैल को कांकसा में तृणमूल कांग्रेस की बड़ी जनसभा होने जा रही है।
👉 रघुनाथपुर मैदान में आयोजित इस रैली को संबोधित करेंगी
👉 ममता बनर्जी
👉 इस सभा को लेकर पुलिस प्रशासन और पार्टी नेताओं के बीच
👉 विस्तृत बैठक कर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की योजना बनाई गई है
🗳️ किन उम्मीदवारों के लिए मांगा जाएगा वोट?
इस रैली में ममता बनर्जी
👉 गलसी से आलोक कुमार मांझी
👉 दुर्गापुर पूर्व से प्रदीप मजूमदार
👉 आउसग्राम से श्यामा प्रसन्न लोहार
के समर्थन में जनता से वोट की अपील करेंगी।
⚔️ बर्धमान बना सियासी रणभूमि
इन दोनों बड़ी रैलियों से साफ है कि
👉 भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस
👉 दोनों ही पार्टियां चुनाव जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक चुकी हैं
👉 एक तरफ प्रधानमंत्री की हाईप्रोफाइल रैली
👉 दूसरी तरफ मुख्यमंत्री का जमीनी शक्ति प्रदर्शन
👉 बर्धमान अब चुनावी जंग का सबसे बड़ा केंद्र बनता जा रहा है
🔍 क्या कहते हैं राजनीतिक जानकार?
विशेषज्ञों का मानना है—
👉 इन रैलियों का सीधा असर आसपास की कई सीटों पर पड़ेगा
👉 मतदाताओं को साधने के लिए दोनों दल हर स्तर पर प्रयास कर रहे हैं
👉 आने वाले दिनों में और भी बड़े नेताओं की रैलियां देखने को मिल सकती हैं
🔥 कुल मिलाकर, बंगाल चुनाव 2026 में बर्धमान जिले की ये दो बड़ी रैलियां यह संकेत दे रही हैं कि इस बार मुकाबला बेहद कड़ा होने वाला है। अब देखना होगा कि जनता किसके साथ जाती है—दिल्ली की ताकत या बंगाल की दीदी का करिश्मा।















