आसनसोल: पश्चिम बंगाल की सियासत में हलचल तेज हो गई है। सोमवार को आसनसोल उत्तर विधानसभा क्षेत्र से एआईएमआईएम के उम्मीदवार दानिश अज़ीज़ ने महकमा शासक (SDO) कार्यालय पहुंचकर अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।
नामांकन के दौरान उनके साथ बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे, जिनमें जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। समर्थकों ने नारेबाजी कर अपने उम्मीदवार के प्रति समर्थन जताया, जिससे पूरे इलाके का माहौल चुनावी रंग में रंग गया।
📑 नामांकन के बाद क्या बोले दानिश अज़ीज़?
नामांकन दाखिल करने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए दानिश अज़ीज़ ने साफ कहा कि इस बार वह जनता के असली मुद्दों को लेकर चुनाव मैदान में उतरे हैं।
👉 “रोजगार और नशा मुक्ति मेरी पहली प्राथमिकता है,” उन्होंने जोर देते हुए कहा।
🚫 नशे के खिलाफ बड़ा अभियान
उन्होंने कहा कि आसनसोल उत्तर क्षेत्र में नशे की समस्या तेजी से बढ़ रही है, जिससे युवा वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है।
👉 “हम नशा मुक्त समाज बनाने के लिए एक बड़ा अभियान चलाएंगे,” उन्होंने भरोसा दिलाया।
💼 रोजगार बना सबसे बड़ा मुद्दा
दानिश अज़ीज़ ने युवाओं की बेरोजगारी पर चिंता जताते हुए कहा कि इलाके में रोजगार के अवसर बेहद सीमित हैं।
👉 “नौकरी नहीं मिलने के कारण कई युवा गलत रास्तों की ओर बढ़ रहे हैं, इसे रोकना बेहद जरूरी है,” उन्होंने कहा।
🚪 घर-घर जाकर करेंगे संपर्क
उन्होंने बताया कि चुनाव प्रचार के दौरान वह घर-घर जाकर लोगों से मिलेंगे और अपने मुद्दों को सीधे जनता के सामने रखेंगे।
👉 “मुझे पूरा भरोसा है कि जनता बदलाव चाहती है और इस बार हमें मौका देगी,” उन्होंने दावा किया।
⚔️ सत्तारूढ़ दल पर साधा निशाना
इस दौरान दानिश अज़ीज़ ने सत्तारूढ़ दल पर हमला बोलते हुए कहा कि आसनसोल उत्तर में लंबे समय से अपेक्षित विकास नहीं हुआ है।
👉 “बुनियादी सुविधाओं और रोजगार की कमी से जनता परेशान है और इसी कारण लोगों में असंतोष बढ़ रहा है,” उन्होंने कहा।
📊 क्या बदलेगा चुनावी समीकरण?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एआईएमआईएम की एंट्री से आसनसोल उत्तर की चुनावी लड़ाई और दिलचस्प हो सकती है। खासकर युवा वोटरों और अल्पसंख्यक वर्ग में इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है।
🚨 बदलाव की लहर या सियासी रणनीति?
अब देखना दिलचस्प होगा कि रोजगार और नशा मुक्ति जैसे मुद्दों को लेकर मैदान में उतरे दानिश अज़ीज़ जनता के बीच कितनी पकड़ बना पाते हैं।
आसनसोल उत्तर की जनता इस बार किसे अपना प्रतिनिधि चुनती है, यह आने वाले चुनाव में साफ हो जाएगा—but इतना तय है कि इस बार मुकाबला काफी रोचक और कड़ा होने वाला है।















