पश्चिम बर्दवान जिले के बाराबनी विधानसभा क्षेत्र में चुनावी माहौल उस समय और गरमा गया जब तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद
अभिषेक बनर्जी ने एक विशाल जनसभा को संबोधित किया।
यह सभा बाराबनी सीट से तृणमूल उम्मीदवार विधान उपाध्याय
के समर्थन में आयोजित की गई थी, जिसमें भारी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी।
🗳️ “हर तरफ दिखे जोड़ा फूल”—मतदाताओं से अपील
सभा के दौरान अभिषेक बनर्जी ने लोगों से 23 तारीख को होने वाले मतदान में तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिह्न “जोड़ा फूल” के पक्ष में भारी मतदान करने की अपील की।
👉 उन्होंने कहा—
“ऐसा वोट दीजिए कि जब बैलेट बॉक्स खुले, तो कमल वालों को चारों तरफ सिर्फ जोड़ा फूल ही दिखाई दे।”
यह बयान सीधे तौर पर भाजपा को चुनौती देने वाला माना जा रहा है।
⚡ महंगाई पर भाजपा सरकार को घेरा
अभिषेक बनर्जी ने अपने भाषण में महंगाई को बड़ा मुद्दा बनाते हुए
भारतीय जनता पार्टी
पर जमकर निशाना साधा।
उन्होंने कहा—
👉 गैस सिलेंडर जो पहले 400 रुपये में मिलता था, अब 1000 रुपये से ज्यादा हो गया
👉 ब्लैक मार्केट में यही सिलेंडर 2000 रुपये से भी ऊपर बिक रहा है
👉 चायपत्ती 130 रुपये से बढ़कर 360-370 रुपये प्रति किलो हो गई
👉 दूध 27 रुपये से बढ़कर 62-64 रुपये प्रति किलो पहुंच गया
👉 जीरा 140 रुपये से बढ़कर 350 रुपये किलो तक पहुंच गया
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के आने के बाद आम जनता पर महंगाई का बोझ लगातार बढ़ा है।
📊 “महंगाई वाली सरकार को न दें वोट”
अभिषेक बनर्जी ने जनता से अपील करते हुए कहा—
👉 “जो सरकार महंगाई बढ़ाती है, उसे वोट नहीं देना चाहिए”
👉 “आपका एक वोट इस बार महंगाई के खिलाफ फैसला होगा”
उन्होंने इस चुनाव को “जनता बनाम महंगाई” की लड़ाई बताया।
🔥 बाराबनी में सियासी समीकरण
बाराबनी विधानसभा सीट पर इस बार मुकाबला काफी दिलचस्प माना जा रहा है।
👉 तृणमूल कांग्रेस अपने संगठन और जनाधार के दम पर मैदान में है
👉 वहीं भाजपा भी पूरी ताकत के साथ चुनावी रण में उतरी हुई है
विशेषज्ञों के अनुसार, इस सीट पर मतदान का रुझान पूरे जिले के राजनीतिक माहौल को प्रभावित कर सकता है।
🧨 निष्कर्ष: महंगाई बनाम विकास की लड़ाई
बाराबनी की इस रैली ने साफ कर दिया है कि इस चुनाव में महंगाई एक बड़ा मुद्दा बनने जा रहा है।
👉 एक तरफ तृणमूल महंगाई को लेकर भाजपा पर हमलावर है
👉 तो दूसरी तरफ भाजपा अपने विकास कार्यों के आधार पर जवाब दे रही है
अब नजरें 23 तारीख के मतदान पर टिकी हैं—
क्या जनता “जोड़ा फूल” को भारी समर्थन देगी या “कमल” फिर खिलेगा?














