मुर्शिदाबाद/कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण से पहले राज्य की राजनीति में नया मोड़ आ गया है। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मुर्शिदाबाद के नाओडा में आयोजित एक विशाल जनसभा में ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर तीखा हमला बोलकर सियासी तापमान और बढ़ा दिया है।
🚨 “मुसलमानों को वोट बैंक समझा, इंसान नहीं”
रैली को संबोधित करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि पिछले 50 वर्षों में कांग्रेस, वाम मोर्चा और टीएमसी—तीनों दलों ने मुसलमानों को सिर्फ वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि—
“आपने कभी कांग्रेस, कभी वामपंथ और अब टीएमसी को एकतरफा वोट दिया, लेकिन बदले में आपको विकास नहीं, सिर्फ पिछड़ापन मिला।”
⚡ हुमायूं कबीर के साथ नया गठबंधन
इस बार चुनावी समीकरण को बदलने के लिए ओवैसी ने हुमायूं कबीर के नेतृत्व वाली पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के साथ गठबंधन किया है।
उन्होंने कहा कि यह गठबंधन मुस्लिम समुदाय को वास्तविक राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने के लिए बनाया गया है।
🔥 “टीएमसी को लगेगा करारा झटका”
ओवैसी ने दावा किया कि इस बार चुनावी नतीजे टीएमसी के लिए चौंकाने वाले होंगे।
उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा—
- डर की राजनीति से बाहर निकलें
- अपने बीच से अपना नेता चुनें
- वोट बैंक नहीं, अपनी ताकत बनें
🗳️ मुर्शिदाबाद बना सियासत का केंद्र
मुर्शिदाबाद और मालदा जैसे मुस्लिम बहुल जिलों में ओवैसी की सक्रियता ने चुनाव को और दिलचस्प बना दिया है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार—
- टीएमसी अल्पसंख्यक वोटों को एकजुट रखने की कोशिश में है
- वहीं ओवैसी युवा मुस्लिम मतदाताओं को अपनी ओर खींच रहे हैं
- इससे वोटों का बिखराव संभव है
📊 त्रिकोणीय मुकाबले के संकेत
ओवैसी की एंट्री के बाद बंगाल की राजनीति में अब मुकाबला सिर्फ दो दलों के बीच नहीं रहा।
टीएमसी, भाजपा और ओवैसी-अजुप गठबंधन के बीच कई सीटों पर त्रिकोणीय संघर्ष देखने को मिल सकता है।
📅 चुनाव की तारीख और नतीजे
- 🗳️ मतदान: 23 अप्रैल और 29 अप्रैल (दो चरण)
- 📊 परिणाम: 4 मई
294 सीटों वाले इस चुनाव में हर दल अपनी पूरी ताकत झोंक रहा है।
🔍 क्या बदलेगा चुनावी खेल?
👉 ओवैसी का यह आक्रामक तेवर और नया गठबंधन बंगाल की सियासत में बड़ा बदलाव ला सकता है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या यह नई ‘वोट बैंक की केमिस्ट्री’ टीएमसी को नुकसान पहुंचाएगी, या फिर वोटों का बिखराव भाजपा को फायदा देगा?
👉 फिलहाल इतना तय है कि बंगाल चुनाव 2026 अब और भी रोमांचक और अप्रत्याशित हो गया है।














