कोलकाता: पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है। चुनाव से ठीक पहले अधिकारियों के तबादलों का सिलसिला लगातार जारी है। इसी कड़ी में मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के चार वरिष्ठ अधिकारियों का अचानक तबादला कर दिया गया है, जिससे सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
🔄 सीईओ ऑफिस में बड़ा फेरबदल
सूत्रों के मुताबिक, मनोज कुमार अग्रवाल के निर्देश पर यह बदलाव किए गए हैं।
👉 डिप्टी सीईओ सुब्रत पाल को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में वरिष्ठ उप सचिव बनाया गया
👉 राहुल नाथ को नया डिप्टी सीईओ नियुक्त किया गया
👉 संयुक्त सचिव मिठु दत्त को अल्पसंख्यक मामले एवं मदरसा शिक्षा विभाग में भेजा गया
👉 अतिरिक्त सचिव नरेन्द्रनाथ दत्त को श्रम विभाग में स्थानांतरित किया गया
👉 एक अन्य अतिरिक्त सचिव सुप्रिय दास को खाद्य प्रसंस्करण विभाग में नई जिम्मेदारी दी गई
❓ तबादलों पर सस्पेंस बरकरार
👉 इन तबादलों के पीछे की वजह को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है
👉 न ही सीईओ कार्यालय और न ही राज्य सरकार ने इस पर खुलकर कुछ कहा है
👉 ऐसे में इन बदलावों को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
⚖️ चुनाव से पहले क्यों बढ़ते हैं तबादले?
राजनीतिक जानकारों का मानना है—
👉 चुनाव के दौरान प्रशासनिक निष्पक्षता बनाए रखने के लिए ऐसे कदम उठाए जाते हैं
👉 संवेदनशील पदों पर बैठे अधिकारियों को बदला जाता है ताकि किसी भी तरह का पक्षपात न हो
🚨 पहले भी हो चुके हैं कई बदलाव
👉 चुनाव की घोषणा के बाद से ही राज्य में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले लगातार हो रहे हैं
👉 कई जिलों में एसपी और डीएम स्तर पर भी बदलाव देखने को मिले हैं
🔍 चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज
👉 इन तबादलों के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है
👉 विपक्षी दल भी इस पर नजर बनाए हुए हैं
👉 कुल मिलाकर, बंगाल में चुनाव से पहले हो रहे ये प्रशासनिक फेरबदल यह संकेत दे रहे हैं कि आने वाला चुनाव बेहद अहम और संवेदनशील होने वाला है, जहां हर कदम सोच-समझकर उठाया जा रहा है।














