अंडाल (पश्चिम बर्धमान): चुनावी माहौल के बीच अंडाल का खांदरा इलाका शनिवार को सियासी गर्मी का केंद्र बन गया। यहां आयोजित एक विशाल जनसभा में ममता बनर्जी ने आक्रामक अंदाज में केंद्र सरकार और बीजेपी पर तीखा हमला बोला और अपने तेवर से साफ कर दिया कि इस बार मुकाबला और भी ज्यादा तीखा होने वाला है।
🎤 खांदरा से ममता का ‘दिल्ली टारगेट’ बयान
रानीगंज विधानसभा के तृणमूल प्रत्याशी कालोबरण मंडल के समर्थन में आयोजित इस सभा में ममता बनर्जी ने कहा—
👉 “वे बंगाल को टारगेट कर रहे हैं, मैं दिल्ली को टारगेट कर रही हूं।”
👉 “बीजेपी को हटाना ही होगा।”
उनके इस बयान ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है और इसे आने वाले चुनाव का बड़ा संकेत माना जा रहा है।
🔥 बीजेपी पर सीधा हमला, बढ़ी सियासी टकराव
सभा के दौरान—
- ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए
- बीजेपी पर बंगाल को अस्थिर करने का आरोप लगाया
- कहा कि राज्य में जानबूझकर तनाव का माहौल बनाया जा रहा है
उनके इस आक्रामक तेवर से साफ है कि चुनावी लड़ाई अब और तेज होने वाली है।
⚠️ राम नवमी हिंसा को लेकर गंभीर आरोप
राम नवमी के दौरान रघुनाथगंज में हुई अशांति का जिक्र करते हुए—
👉 ममता बनर्जी ने सीधे बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया
👉 उन्होंने दावा किया कि यह हिंसा “सुनियोजित” थी
👉 प्रशासनिक स्तर पर बदलाव कर हालात बिगाड़े गए
इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है।
🗳️ चुनाव आयोग पर भी उठाए सवाल
ममता बनर्जी ने केवल बीजेपी ही नहीं, बल्कि भारत निर्वाचन आयोग पर भी सवाल उठाए।
👉 उन्होंने कहा कि अधिकारियों को हटाकर हालात बिगड़ने दिए गए
👉 आरोप लगाया कि बीजेपी और चुनाव आयोग मिलकर काम कर रहे हैं
यह बयान चुनावी बहस को और तेज कर सकता है।
👥 तृणमूल का शक्ति प्रदर्शन
खांदरा फुटबॉल मैदान में—
- भारी संख्या में समर्थकों की भीड़ उमड़ी
- “तृणमूल कांग्रेस जिंदाबाद” के नारों से माहौल गूंज उठा
- पार्टी ने अपनी जमीनी ताकत का जोरदार प्रदर्शन किया
🌟 सियासत में बड़ा संकेत—क्या बदलेंगे समीकरण?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है—
👉 ममता बनर्जी का यह आक्रामक रुख चुनावी रणनीति का हिस्सा है
👉 “दिल्ली टारगेट” बयान राष्ट्रीय राजनीति की ओर इशारा करता है
👉 आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति और भी दिलचस्प होने वाली है
👉 कुल मिलाकर, खांदरा की यह जनसभा सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि तृणमूल कांग्रेस के बड़े चुनावी संदेश और बीजेपी के खिलाफ खुली चुनौती के रूप में देखी जा रही है।














