आसनसोल: पश्चिम बर्धमान जिले के आसनसोल स्थित प्रतिष्ठित आसनसोल क्लब लिमिटेड में बुधवार देर रात ऐसा बवाल मचा कि पूरा परिसर देखते ही देखते ‘रणक्षेत्र’ में बदल गया। क्लब के भीतर दो गुटों के बीच हुई भीषण मारपीट ने न सिर्फ माहौल को तनावपूर्ण बना दिया, बल्कि वहां मौजूद लोगों में दहशत फैला दी।
⚡ कैसे शुरू हुआ विवाद?
सूत्रों के अनुसार—
- विवाद की शुरुआत क्लब के पूर्व अध्यक्ष सोमनाथ विश्वाल और एक वरिष्ठ पदाधिकारी के बीच हुई
- आरोप है कि पूर्व अध्यक्ष नशे की हालत में थे और उन्होंने बदसलूकी शुरू की
- देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए
कुछ ही देर में पूरा क्लब परिसर मारपीट और हंगामे से गूंज उठा।
👊 बचाने आए लोगों को भी नहीं छोड़ा
स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब—
👉 बीच-बचाव करने पहुंचे अन्य पदाधिकारियों और युवाओं को भी निशाना बनाया गया
👉 एक शीर्ष पदाधिकारी के बेटे के साथ भी मारपीट की गई
👉 गुस्साए सदस्यों ने भी जवाबी हमला कर दिया
इस दौरान क्लब के अंदर अफरा-तफरी और भगदड़ जैसे हालात बन गए।
🚗 बीएमडब्ल्यू कार पर हमला, लाखों का नुकसान
घटना के बाद पूर्व अध्यक्ष सोमनाथ विश्वाल ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा—
- उन पर पहले से हमला करने की साजिश रची गई थी
- उनकी बीएमडब्ल्यू कार के शीशे तोड़ दिए गए
- इस घटना में लगभग 7 लाख रुपये का नुकसान हुआ
उन्होंने साफ कहा कि वह इस मामले को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।
🧑⚖️ क्लब प्रबंधन भी सख्त, कार्रवाई के संकेत
क्लब के अध्यक्ष अमरजीत सिंह भरारा ने कहा—
👉 पूर्व अध्यक्ष ने नशे में क्लब की मर्यादा भंग की
👉 दो पदाधिकारियों पर हमला किया गया
👉 पूरे घटनाक्रम के सबूत मौजूद हैं
उन्होंने संकेत दिए कि इस मामले में कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
🚨 घटना के बाद दहशत, छवि पर सवाल
इस घटना के बाद—
- क्लब के सदस्यों में डर और आक्रोश का माहौल है
- एक प्रतिष्ठित संस्था की छवि पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं
- क्लब के अंदर चल रहे विवाद अब खुलकर सामने आ गए हैं
🔍 कानूनी लड़ाई की तैयारी, मामला और गरमाएगा
बताया जा रहा है कि क्लब से जुड़ा मामला पहले से ही कानूनी प्रक्रिया में है, और अब इस हिंसक घटना के बाद विवाद और गहरा सकता है।
👉 क्या यह सिर्फ आपसी विवाद था?
👉 या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश है?
इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में सामने आ सकते हैं।
👉 कुल मिलाकर, आसनसोल क्लब की यह घटना सिर्फ एक झड़प नहीं, बल्कि एक प्रतिष्ठित संस्था के भीतर गहराते विवाद और गुटबाजी का बड़ा संकेत मानी जा रही है।














