आसनसोल : आस्था, श्रद्धा और भक्ति के महापर्व चैती छठ पूजा का भव्य आयोजन आसनसोल के काल प्रभु छठ घाट पर पूरे उत्साह और धार्मिक उल्लास के साथ किया जा रहा है। इस पावन अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु घाट पर पहुंचकर सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित कर रहे हैं।
🌅 सुबह से ही उमड़ा आस्था का सैलाब
घाट पर तड़के सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।
👉 महिलाएं और पुरुष पारंपरिक वेशभूषा में पूजा-अर्चना करते नजर आए
👉 छठ व्रती पूरी श्रद्धा और विधि-विधान के साथ सूर्य देव को अर्घ्य दे रहे हैं
👉 “छठी मइया” के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा
🎉 भव्य सजावट से निखरा छठ घाट
इस आयोजन को लेकर समाजसेवी कृष्णा प्रसाद के नेतृत्व में घाट परिसर को बेहद आकर्षक ढंग से सजाया गया।
👉 रंग-बिरंगी लाइटिंग और सजावट से घाट की खूबसूरती बढ़ गई
👉 पूरे परिसर को साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखा गया
👉 सजावट ने भक्तों के उत्साह को और दोगुना कर दिया
🎶 धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम
छठ पूजा के अवसर पर घाट पर कई धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया।
👉 भक्ति गीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को और भी पावन बना दिया
👉 स्थानीय कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से लोगों का मन मोह लिया
🗣️ “हर साल की तरह इस बार भी भव्य आयोजन” — कृष्णा प्रसाद
समाजसेवी कृष्णा प्रसाद ने बताया कि—
👉 “हर वर्ष की तरह इस बार भी चैती छठ महापर्व को भव्य रूप से मनाया जा रहा है”
👉 “हजारों श्रद्धालु यहां आकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं”
उन्होंने कहा कि आयोजन समिति की ओर से सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
⚙️ श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं
👉 घाट पर सुरक्षा और सफाई का विशेष ध्यान रखा गया
👉 पेयजल, प्रकाश और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की गई
👉 किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वयंसेवक तैनात किए गए
📌 निष्कर्ष:
आसनसोल के काल प्रभु छठ घाट पर आयोजित यह चैती छठ पूजा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उदाहरण भी बन गया है।
👉 श्रद्धा और भक्ति के इस संगम ने पूरे क्षेत्र को एक दिव्य वातावरण में रंग दिया है।














