आसनसोल : समाज सेवा और मानवता की एक शानदार मिसाल पेश करते हुए सोमवार को नॉर्थ पॉइंट स्कूल, आसनसोल में एक भव्य सामाजिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जरूरतमंद और दिव्यांग लोगों के बीच निःशुल्क कृत्रिम अंग, व्हीलचेयर और स्ट्रेचर वितरित किए गए, साथ ही लाभार्थियों के लिए विशेष फिटिंग कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।
❤️ नई जिंदगी की ओर बढ़ते कदम
इस सेवा शिविर का मुख्य उद्देश्य शारीरिक रूप से असक्षम लोगों को सहारा देना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना था।
👉 जैसे ही लाभार्थियों को कृत्रिम अंग मिले, उनके चेहरों पर खुशी साफ झलकने लगी।
👉 कई लोग भावुक हो उठे, मानो उन्हें जिंदगी की एक नई शुरुआत मिल गई हो।
👥 गणमान्य लोगों की उपस्थिति ने बढ़ाई शोभा
इस अवसर पर राज्य के मंत्री मोलॉय घटक, मेयर परिषद के सदस्य गुरुदास चटर्जी, समाजसेवी सचिन राय, स्कूल डायरेक्टर मीता राय के साथ उज्ज्वल राय, सोमनाथ गोरई और विनोद गुप्ता सहित कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे।
👉 सभी अतिथियों ने इस पहल की सराहना करते हुए समाज सेवा को आगे बढ़ाने का संदेश दिया।
🎯 “सेवा ही सबसे बड़ा धर्म” – सचिन राय
कार्यक्रम के दौरान सचिन राय ने कहा कि इस तरह के आयोजनों का उद्देश्य केवल सहायता देना नहीं, बल्कि लोगों को सम्मानजनक जीवन जीने के लिए प्रेरित करना है।
👉 उन्होंने कहा, “ऐसी पहल न सिर्फ शारीरिक समस्याओं को कम करती है, बल्कि लोगों के आत्मविश्वास को भी कई गुना बढ़ा देती है।”
🌟 सुव्यवस्थित आयोजन, चारों ओर सराहना
पूरे कार्यक्रम का आयोजन बेहद सुव्यवस्थित तरीके से किया गया, जिससे किसी भी लाभार्थी को कोई असुविधा नहीं हुई।
👉 उपस्थित लोगों ने इस प्रयास की जमकर सराहना की और कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
🔮 भविष्य में भी जारी रहेगा सेवा का सिलसिला
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने यह संकल्प लिया कि भविष्य में भी इस तरह के सामाजिक और चिकित्सा शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों तक मदद पहुंचाई जा सके।
📌 निष्कर्ष:
आसनसोल का यह कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि मानवता, संवेदना और सेवा भावना का प्रतीक बनकर उभरा है।
👉 इस पहल ने न सिर्फ कई लोगों की जिंदगी बदली, बल्कि पूरे समाज को एक सकारात्मक संदेश भी दिया।














