कोलकाता/उत्तर 24 परगना : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले सियासी बयानबाजी अपने चरम पर पहुंच गई है। इसी बीच तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक ने एक ऐसा दावा कर दिया है, जिसने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है।
👉 ज्योतिप्रिय मल्लिक ने दावा किया है कि इस बार उनकी पार्टी 231 से 242 सीटें जीतकर एक बार फिर रिकॉर्ड बनाएगी।
🔥 जेल से वापसी के बाद बड़ा बयान
राशन घोटाले के मामले में एक साल से अधिक समय तक जेल में रहने के बाद चुनावी मैदान में लौटे ज्योतिप्रिय मल्लिक, जिन्हें पार्टी कार्यकर्ता ‘बालू’ के नाम से भी जानते हैं, ने कहा कि उनकी ‘रिकॉर्ड जीत’ ही उनके खिलाफ हुई ‘राजनीतिक साजिश’ का जवाब होगी।
👉 उन्होंने साफ कहा कि उन्हें राजनीतिक रूप से खत्म करने के लिए जेल भेजा गया था, लेकिन जनता अब इसका जवाब देगी।
⚖️ राशन घोटाले पर क्या बोले मल्लिक?
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच के तहत गिरफ्तार किए गए मल्लिक ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
👉 उनका दावा है कि उनके खिलाफ कोई ठोस मामला या प्राथमिकी तक दर्ज नहीं थी, फिर भी उन्हें महीनों तक हिरासत में रखा गया।
🗳️ हाबरा सीट बनी चुनावी रणभूमि
उत्तर 24 परगना की हाबरा सीट इस बार सबसे चर्चित सीटों में से एक बन गई है।
👉 यहां लगभग 80% हिंदू और 20% मुस्लिम मतदाता हैं, जहां मतुआ समुदाय की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है।
👉 ज्योतिप्रिय मल्लिक की वापसी के बाद यह सीट तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच सीधी टक्कर का केंद्र बन गई है।
📉 भाजपा की सीटें घटने का दावा
मल्लिक ने यह भी दावा किया कि इस बार भारतीय जनता पार्टी की सीटों में गिरावट आएगी।
👉 उन्होंने कहा कि राज्य में किसी भी तरह की सत्ता विरोधी लहर नहीं है और ममता बनर्जी के नेतृत्व में हुए विकास कार्यों और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचा है।
📊 चुनाव से पहले जोरदार तैयारी
मल्लिक के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव की तैयारी 5-6 महीने पहले ही शुरू कर दी थी।
👉 पार्टी कार्यकर्ता लगातार घर-घर जाकर प्रचार कर रहे हैं और लोगों से समर्थन जुटा रहे हैं।
🔮 राजनीतिक भविष्य पर संकेत
हालांकि ज्योतिप्रिय मल्लिक ने भविष्य में राजनीति से हटने के संकेत भी दिए, लेकिन फिलहाल वे पूरी तरह से चुनावी मैदान में सक्रिय हैं और अपनी जीत को लेकर आश्वस्त नजर आ रहे हैं।
📌 निष्कर्ष:
बंगाल की राजनीति में ज्योतिप्रिय मल्लिक का यह दावा एक बड़ा सियासी संदेश माना जा रहा है।
👉 अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि हाबरा की जनता का फैसला मल्लिक की वापसी को एक नई शुरुआत बनाएगा या यह चुनाव केवल कड़ी टक्कर का एक और अध्याय साबित होगा।














