कोलकाता/रानीगंज:
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी दूसरी उम्मीदवार सूची जारी कर दी है, जिसमें कुल 111 प्रत्याशियों के नाम शामिल हैं। इस सूची ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।
सबसे ज्यादा चर्चा रानीगंज विधानसभा सीट को लेकर है, जहां से भाजपा ने एडवोकेट पार्थ घोष को उम्मीदवार बनाया है। उनके नाम की घोषणा के साथ ही इलाके में चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं और सियासी माहौल गरमा गया है।
⚡ रानीगंज में BJP का नया चेहरा
एडवोकेट पार्थ घोष को रानीगंज से मैदान में उतारकर भाजपा ने साफ संकेत दिया है कि पार्टी इस बार हर सीट पर मजबूती से चुनाव लड़ने के मूड में है।
स्थानीय स्तर पर पार्थ घोष की छवि एक सक्रिय और कानूनी मामलों में मजबूत पकड़ रखने वाले नेता की मानी जाती है, जो चुनाव में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
🧑⚖️ बड़े चेहरों को भी मिला मौका
इस सूची में कई चर्चित नामों को भी शामिल किया गया है।
- रूपा गांगुली को सोनारपुर दक्षिण से उम्मीदवार बनाया गया है
- प्रियंका टिबरेवाल को एंटाली सीट से मैदान में उतारा गया है
इन नामों से साफ है कि भाजपा ने अनुभव और लोकप्रियता दोनों का संतुलन बनाने की कोशिश की है।
🗺️ पूरे बंगाल में फैला चुनावी प्लान
भाजपा की इस सूची में उत्तर बंगाल से लेकर दक्षिण बंगाल तक के कई महत्वपूर्ण विधानसभा क्षेत्रों को शामिल किया गया है।
मेक्लिगंज, जलपाईगुड़ी, दार्जिलिंग, कर्सियांग, कृष्णनगर, रानाघाट, बैरकपुर, दमदम, बिधाननगर, बारासात, संदेशखाली, जादवपुर, बेहाला, महेशतला, बालीगंज, बर्धमान दक्षिण, कालना, रानीगंज, रामपुरहाट और मुरारई समेत कई सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए गए हैं।
यह सूची बताती है कि भाजपा ने हर क्षेत्र और हर वर्ग को ध्यान में रखते हुए रणनीति तैयार की है।
🔁 पहली सूची में भी बदलाव
भाजपा ने अपनी पहली सूची में भी कुछ अहम बदलाव किए हैं।
- बिष्णुपुर सीट से अब विश्वजीत खान को उम्मीदवार बनाया गया है
- जॉयपुर सीट से बिस्वजीत महतो को टिकट दिया गया है
यह बदलाव पार्टी की चुनावी रणनीति में लचीलापन और स्थिति के अनुसार फैसले लेने की क्षमता को दर्शाता है।
🔥 राजनीतिक मायने
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 111 उम्मीदवारों की यह सूची भाजपा की आक्रामक चुनावी रणनीति का हिस्सा है।
रानीगंज जैसे अहम सीट पर पार्थ घोष को उतारना यह दिखाता है कि पार्टी इस बार किसी भी सीट को हल्के में नहीं लेना चाहती।
⚠️ निष्कर्ष
भाजपा की दूसरी सूची ने पश्चिम बंगाल की सियासत में नई गर्माहट ला दी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि इन नए और पुराने चेहरों का चुनावी मैदान में प्रदर्शन कैसा रहता है।
रानीगंज में पार्थ घोष की एंट्री से मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है—अब देखना होगा कि जनता किसे अपना प्रतिनिधि चुनती है।














