कोलकाता: आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर चुनाव आयोग ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। कोलकाता में आयोजित एक अहम प्रेस ब्रीफिंग में राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने चुनाव से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं, मतदाता आंकड़ों और सुरक्षा इंतजामों की विस्तृत जानकारी साझा की।
6.44 करोड़ मतदाता, युवाओं की बड़ी भागीदारी
सीईओ के अनुसार, इस बार राज्य में कुल 6,44,52,609 पंजीकृत मतदाता हैं। इनमें—
- 4,16,089 दिव्यांग मतदाता
- 3,78,979 मतदाता 85 वर्ष से अधिक आयु के
- 5,23,229 युवा मतदाता (18-19 वर्ष)
इन आंकड़ों से साफ है कि इस बार के चुनाव में युवा और वरिष्ठ मतदाताओं की बड़ी भूमिका रहने वाली है।
80,719 मतदान केंद्र, गांव से शहर तक मजबूत व्यवस्था
पूरे राज्य में कुल 80,719 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें—
- 19,708 शहरी क्षेत्रों में
- 61,011 ग्रामीण क्षेत्रों में
प्रत्येक मतदान केंद्र पर औसतन 1,200 मतदाता मतदान करेंगे, जिससे भीड़ प्रबंधन और सुचारु प्रक्रिया सुनिश्चित की जा सके।
महिला और दिव्यांग संचालित बूथों की पहल
इस बार चुनाव को और अधिक समावेशी और संवेदनशील बनाने के लिए—
- 10,361 मतदान केंद्र पूरी तरह महिला कर्मियों द्वारा संचालित होंगे
- 74 केंद्र दिव्यांग कर्मियों द्वारा संचालित किए जाएंगे
- 634 बूथों को मॉडल मतदान केंद्र के रूप में विकसित किया गया है
यह पहल देशभर में एक नए चुनावी मॉडल के रूप में देखी जा रही है।
वोटिंग में टेक्नोलॉजी का बड़ा रोल
इस बार चुनाव में डिजिटल सुविधाओं पर खास जोर दिया गया है—
- मतदाता पर्ची में क्यूआर कोड जोड़ा गया है, जिससे मतदाता अपनी जानकारी तुरंत सत्यापित कर सकेंगे
- यह पर्ची मतदान से 5 दिन पहले वितरित की जाएगी
- ECINET ऐप लॉन्च किया गया है, जिसमें 40 से अधिक चुनावी ऐप्स को एकीकृत किया गया है
इससे चुनाव प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और आसान बनाया जाएगा।
बूथों पर मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की सुविधा के लिए—
- शौचालय, पेयजल, रैंप
- हेल्प डेस्क और मतदाता सहायता केंद्र
- उचित रोशनी, छाया और संकेतक
इसके अलावा बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष सहायता की भी व्यवस्था की गई है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
चुनाव को शांतिपूर्ण बनाने के लिए—
- केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 480 कंपनियां तैनात की गई हैं
- जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त बल भी भेजे जाएंगे
- किसी भी गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है
संदिग्ध मतदान की स्थिति में पुनर्मतदान (री-पोल) भी कराया जा सकता है।
घर बैठे मतदान की सुविधा
इस बार चुनाव आयोग ने 85 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों और 40% से अधिक दिव्यांग मतदाताओं के लिए घर से मतदान की सुविधा भी शुरू की है।
इसके लिए पात्र मतदाता फॉर्म 12डी भरकर इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
कड़ी निगरानी और पारदर्शिता पर जोर
हर विधानसभा क्षेत्र में सामान्य पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाएंगे और उनकी निगरानी के लिए एक विशेष मॉनिटरिंग सेल बनाया गया है।
साथ ही लंबित मामलों के निपटारे के बाद पूरक मतदाता सूची भी प्रकाशित की जाएगी, ताकि अधिक से अधिक लोग मतदान प्रक्रिया में शामिल हो सकें।
निष्पक्ष चुनाव का भरोसा
चुनाव आयोग ने दोहराया है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को पूरी तरह स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी और समावेशी तरीके से संपन्न कराया जाएगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार की तैयारियां यह संकेत देती हैं कि चुनाव आयोग किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और हर मतदाता तक पहुंच बनाने की कोशिश की जा रही है।














