नई दिल्ली: देश में आज राज्यसभा की 11 सीटों के लिए मतदान होने जा रहा है। इन सीटों में बिहार की 5, ओडिशा की 4 और हरियाणा की 2 सीटें शामिल हैं। मतदान सुबह 11 बजे से शुरू होगा और संभावना है कि शाम तक परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।
इस बार राज्यसभा चुनाव में कुल 37 सीटों के लिए प्रक्रिया चल रही है, जिनमें से 26 उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं। हालांकि शेष 11 सीटों पर मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है और कई जगह क्रॉस-वोटिंग की आशंका से राजनीतिक दलों की चिंता बढ़ गई है।
26 सीटों पर पहले ही निर्विरोध जीत
राज्यसभा चुनाव में कई बड़े नेताओं को पहले ही निर्विरोध चुन लिया गया है। इनमें शरद पवार, रामदास आठवले, अभिषेक मनु सिंघवी, थंबीदुरई, विनोद तावड़े और बाबुल सुप्रियो जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं।
इन नेताओं की निर्विरोध जीत से कई राज्यों में मुकाबला पहले ही खत्म हो गया, लेकिन बिहार, ओडिशा और हरियाणा में राजनीतिक समीकरण अब भी दिलचस्प बने हुए हैं।
बिहार: पांचवीं सीट पर सबसे ज्यादा सस्पेंस
बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए चुनाव हो रहा है। जेडीयू और भाजपा के चार उम्मीदवार— नीतीश कुमार, रामनाथ ठाकुर, नितिन नवीन और शिवम कुमार की जीत लगभग तय मानी जा रही है।
असल मुकाबला पांचवीं सीट पर है, जहां एनडीए के उपेंद्र कुशवाहा और महागठबंधन समर्थित ए. डी. सिंह आमने-सामने हैं।
महागठबंधन के पास 35 विधायक हैं, जबकि जीत के लिए 41 वोट की जरूरत है। माना जा रहा है कि एआईएमआईएम के 5 और बसपा के 1 विधायक का समर्थन मिलने से महागठबंधन की स्थिति मजबूत हो सकती है।
एनडीए की नजर क्रॉस-वोटिंग पर
इस सीट पर क्रॉस-वोटिंग की संभावना को लेकर सियासी हलचल तेज है। एनडीए को उम्मीद है कि महागठबंधन के कम से कम तीन विधायक क्रॉस-वोटिंग कर सकते हैं।
इसके अलावा कांग्रेस के छह विधायकों और बसपा विधायक पर भी राजनीतिक दलों की नजर टिकी हुई है। ऐसे में इस सीट का परिणाम काफी हद तक क्रॉस-वोटिंग पर निर्भर माना जा रहा है।
ओडिशा में भाजपा और बीजद के बीच टक्कर
ओडिशा की चार सीटों पर भी दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है। माना जा रहा है कि भाजपा और बीजू जनता दल दो-दो सीटें जीत सकते हैं।
ओडिशा विधानसभा में भाजपा के पास 79 विधायक हैं और तीन निर्दलीय विधायकों का समर्थन भी उसे प्राप्त है, जिससे दो सीटों पर उसकी जीत लगभग तय मानी जा रही है।
हालांकि तीसरे उम्मीदवार को जिताने के लिए भाजपा को आठ अतिरिक्त वोटों की जरूरत पड़ेगी।
दूसरी ओर बीजू जनता दल के पास 48 विधायक हैं और उसकी एक सीट लगभग पक्की मानी जा रही है। यदि कांग्रेस के 14 और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के 1 विधायक का समर्थन मिलता है, तो पार्टी दूसरी सीट भी जीत सकती है।
चौथी सीट पर भाजपा समर्थित दिलीप राय और बीजद के उम्मीदवार के बीच मुकाबला माना जा रहा है।
हरियाणा: निर्दलीय उम्मीदवार से मुकाबला दिलचस्प
हरियाणा विधानसभा में कुल 90 सदस्य हैं। भाजपा के पास 48 विधायक हैं और इनेलो के दो तथा तीन निर्दलीय विधायकों के समर्थन से उसके पास कुल 53 वोट हो जाते हैं।
भाजपा उम्मीदवार संजय भाटिया की जीत लगभग तय मानी जा रही है। वहीं कांग्रेस के 37 विधायक होने के कारण उसके उम्मीदवार करमवीर बोध की जीत भी आसान मानी जा रही है।
हालांकि निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नंदल के मैदान में उतरने से मुकाबला दिलचस्प हो गया है। उन्हें जीत के लिए नौ अतिरिक्त वोटों की जरूरत होगी, जो बिना कांग्रेस में क्रॉस-वोटिंग के संभव नहीं मानी जा रही।
इसी आशंका के चलते कांग्रेस ने अपने 31 विधायकों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया है, ताकि किसी भी तरह की क्रॉस-वोटिंग को रोका जा सके।
शाम तक आएंगे नतीजे
बिहार, ओडिशा और हरियाणा में आज मतदान पूरा होने के बाद शाम तक नतीजे घोषित किए जाने की संभावना है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार क्रॉस-वोटिंग कई सीटों के परिणाम बदल सकती है, जिससे राज्यसभा चुनाव में कुछ चौंकाने वाले नतीजे सामने आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।














