कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तारीखों की घोषणा के साथ ही राज्य के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव देखने को मिला। चुनाव आयोग ने सख्त कदम उठाते हुए राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती और गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीणा को उनके पदों से हटा दिया है।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि चुनावी प्रक्रिया पूरी होने तक दोनों अधिकारी किसी भी चुनाव से जुड़े प्रशासनिक कार्य में शामिल नहीं होंगे। इस फैसले के बाद राज्य के प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
नए अधिकारियों की नियुक्ति
आयोग के आदेश के अनुसार दुष्मंत नारियोवाला को पश्चिम बंगाल का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। वहीं संघमित्रा घोष को राज्य का नया गृह सचिव बनाया गया है।
चुनाव आयोग ने निर्देश दिया है कि दोनों अधिकारी सोमवार दोपहर 3 बजे तक अपना कार्यभार संभाल लें, ताकि चुनावी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक बाधा न आए।
चुनाव घोषणा के तुरंत बाद कार्रवाई
रविवार शाम को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तारीखों की घोषणा की थी। घोषणा के कुछ ही घंटों के भीतर आयोग ने राज्य के दो शीर्ष अधिकारियों को हटाकर बड़ा संदेश दिया कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होगी।
आदर्श आचार संहिता लागू
चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही पूरे राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। इस दौरान चुनाव आयोग को विशेष अधिकार मिल जाते हैं, जिसके तहत वह प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के तबादले या पद से हटाने का आदेश दे सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव से पहले इस तरह के फैसले निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए उठाए जाते हैं।
पहले भी हो चुकी है ऐसी कार्रवाई
यह पहली बार नहीं है जब चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में इस तरह का कदम उठाया हो। 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी आयोग ने तत्कालीन गृह सचिव अत्रि भट्टाचार्य को उनके पद से हटा दिया था। उसी समय सीआईडी के अतिरिक्त महानिदेशक राजीव कुमार को भी पद से हटाने का आदेश दिया गया था।
नए मुख्य सचिव और गृह सचिव का प्रशासनिक अनुभव
नए मुख्य सचिव दुष्मंत नारियोवाला वर्ष 1993 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। इससे पहले वह उत्तर बंगाल विकास विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने आपदा प्रबंधन और नागरिक सुरक्षा विभाग की जिम्मेदारी भी संभाली है।
वहीं नई गृह सचिव संघमित्रा घोष 1997 बैच की पश्चिम बंगाल कैडर की आईएएस अधिकारी हैं। वह अब तक महिला एवं बाल कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव के रूप में कार्य कर रही थीं और राज्य में महिला-बाल कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्यक्रमों का संचालन कर चुकी हैं।
दो चरणों में होगा पश्चिम बंगाल चुनाव
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 इस बार दो चरणों में आयोजित किए जाएंगे।
- पहला चरण: 23 अप्रैल — 152 सीटों पर मतदान
- दूसरा चरण: 29 अप्रैल — 142 सीटों पर मतदान
सभी सीटों की मतगणना 4 मई को होगी।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार हाल के वर्षों में इतने कम चरणों में चुनाव होना एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है, क्योंकि 2021 का विधानसभा चुनाव आठ चरणों में कराया गया था।
चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और अब आने वाले दिनों में चुनावी मुकाबला और भी दिलचस्प होने की संभावना है।














