कोलकाता/पश्चिम बर्दवान: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर भारत निर्वाचन आयोग ने आधिकारिक तौर पर चुनावी कार्यक्रम जारी कर दिया है। चुनाव आयोग के अनुसार इस बार राज्य में दो चरणों में मतदान कराया जाएगा।
जारी कार्यक्रम के मुताबिक पहले चरण में 152 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा, जबकि दूसरे चरण में 142 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। दोनों चरणों की मतगणना 4 मई 2026 को की जाएगी, जबकि पूरी चुनाव प्रक्रिया 6 मई 2026 तक पूरी कर ली जाएगी।
चुनाव कार्यक्रम की प्रमुख तारीखें
चुनाव आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार—
पहला चरण
- गजट नोटिफिकेशन जारी: 30 मार्च 2026 (सोमवार)
- नामांकन की अंतिम तिथि: 6 अप्रैल 2026 (सोमवार)
- नामांकन पत्रों की जांच: 7 अप्रैल 2026 (मंगलवार)
- नाम वापस लेने की अंतिम तिथि: 9 अप्रैल 2026 (गुरुवार)
- मतदान: 23 अप्रैल 2026 (गुरुवार)
दूसरा चरण
- गजट नोटिफिकेशन जारी: 2 अप्रैल 2026 (गुरुवार)
- नामांकन की अंतिम तिथि: 9 अप्रैल 2026 (गुरुवार)
- नामांकन पत्रों की जांच: 10 अप्रैल 2026 (शुक्रवार)
- नाम वापस लेने की अंतिम तिथि: 13 अप्रैल 2026 (सोमवार)
- मतदान: 29 अप्रैल 2026 (बुधवार)
मतगणना
- सभी वोटों की गिनती: 4 मई 2026 (सोमवार)
चुनावी माहौल हुआ गर्म
चुनावी कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। सभी प्रमुख राजनीतिक दल अब अपने-अपने उम्मीदवारों के चयन और चुनाव प्रचार की रणनीति बनाने में जुट गए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में रैलियां, रोड शो और जनसभाएं पूरे राज्य में तेज होंगी।
पूरे देश की नजर बंगाल पर
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को राष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इसलिए इस चुनाव पर पूरे देश की नजर रहेगी।
पिछले चुनावों की तरह इस बार भी विकास, रोजगार, कानून-व्यवस्था और सामाजिक योजनाएं प्रमुख चुनावी मुद्दे बन सकते हैं।
दिलचस्प होगा चुनावी मुकाबला
चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही बंगाल में राजनीतिक मुकाबला और भी तेज होने की संभावना है। विभिन्न दल अब जनता के बीच जाकर अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश करेंगे।
अब सबकी नजर 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होने वाले मतदान तथा 4 मई को आने वाले चुनाव परिणाम पर टिकी है, जो तय करेंगे कि अगले पांच वर्षों तक पश्चिम बंगाल की सत्ता किसके हाथ में रहेगी।














