आसनसोल में दिव्यांगों के लिए बड़ा सेवा अभियान, मुफ्त में मिलेंगे कृत्रिम हाथ-पैर और व्हीलचेयर

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आसनसोल: समाज सेवा की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए रोटरी क्लब ऑफ आसनसोल ग्रेटर की ओर से दिव्यांगजनों के लिए एक विशेष सेवा शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत जरूरतमंद दिव्यांग मरीजों को कृत्रिम हाथ-पैर, व्हीलचेयर और अन्य सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।

यह विशेष शिविर 22, 23 और 24 मार्च को आसनसोल के गोरई रोड स्थित नॉर्थ प्वाइंट स्कूल के पास पार्वती मैरिज हॉल में आयोजित किया जाएगा। इस दौरान विशेषज्ञों की टीम दिव्यांगजनों की जांच कर उन्हें उपयुक्त कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण प्रदान करेगी।

जरूरतमंदों को मिलेगा सहारा

इस संबंध में जानकारी देते हुए व्यवसायी और समाजसेवी सचिन राय ने बताया कि समाज में ऐसे कई लोग हैं जो दुर्घटना, बीमारी या अन्य कारणों से अपने हाथ या पैर खो चुके हैं। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे महंगे कृत्रिम अंग लगवाने या उचित चिकित्सा सुविधा प्राप्त करने में सक्षम नहीं हो पाते।

उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों की पीड़ा को देखते हुए रोटरी क्लब ऑफ आसनसोल ग्रेटर ने यह सेवा अभियान शुरू करने का निर्णय लिया, ताकि जरूरतमंद दिव्यांगजनों को मदद मिल सके और वे फिर से सामान्य जीवन की ओर लौट सकें

कई दिव्यांगों ने कराया पंजीकरण

सचिन राय के अनुसार इस शिविर के लिए अब तक काफी संख्या में आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। प्रारंभिक सूची के अनुसार लगभग 50 दिव्यांगों को कृत्रिम पैर प्रदान किए जाने की योजना है, जबकि तीन लोगों को कृत्रिम हाथ उपलब्ध कराया जाएगा।

इसके अलावा कई जरूरतमंद लोगों को व्हीलचेयर और अन्य सहायक उपकरण भी दिए जाएंगे, जिससे उन्हें दैनिक जीवन में होने वाली परेशानियों से राहत मिल सके।

समाज सेवा की भावना से शुरू हुई पहल

सचिन राय ने बताया कि यह विचार उन्हें तब आया जब उन्होंने रास्ते में कई ऐसे लोगों को देखा जो आर्थिक तंगी के कारण इलाज नहीं करा पा रहे थे और कृत्रिम अंग लगवाने में असमर्थ थे

इन परिस्थितियों को देखकर संस्था के सदस्यों ने महसूस किया कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्ग के लिए कुछ ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। इसी सोच के साथ यह सेवा शिविर आयोजित किया जा रहा है।

आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरणा

उन्होंने कहा कि रोटरी क्लब ऑफ आसनसोल ग्रेटर हमेशा से सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहा है और आगे भी इसी तरह समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाता रहेगा। संस्था का उद्देश्य केवल सहायता प्रदान करना ही नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना भी है।

इस सेवा शिविर के माध्यम से संस्था की कोशिश है कि जिन लोगों के लिए कृत्रिम अंग या व्हीलचेयर केवल एक सपना बनकर रह गया है, उन्हें वास्तविक सहायता मिल सके और उनका जीवन पहले से बेहतर बन सके।

स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा है कि इस तरह के सामाजिक सेवा कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और जरूरतमंद लोगों को नई उम्मीद देते हैं।

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