मुंबई/इराक: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच एक दुखद खबर सामने आई है। इराक के पास समुद्र में एक तेल टैंकर पर हुए हमले में मुंबई में रहने वाले भारतीय इंजीनियर देवोनंदन प्रसाद सिंह की मौत हो गई। इस घटना के बाद उनके परिवार और साथियों में गहरा शोक व्याप्त है।
मृतक देवोनंदन प्रसाद सिंह तेल टैंकर एमटी सेफसी विष्णु पर एडिशनल चीफ इंजीनियर (सुपरिंटेंडेंट) के पद पर तैनात थे और जहाज के तकनीकी संचालन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
बसरा के पास हुआ हमला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार को यह जहाज इराक के बसरा के पास खोर अल जुबैर पोर्ट के नजदीक समुद्र में मौजूद था। इसी दौरान अज्ञात हमलावरों ने तेल टैंकर को निशाना बनाया।
प्रारंभिक रिपोर्ट्स के मुताबिक, क्षेत्र में चल रहे सुरक्षा तनाव और सैन्य गतिविधियों के बीच इस हमले को अंजाम दिया गया। हमले में देवोनंदन प्रसाद सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
बिहार से मुंबई तक का सफर
बताया जा रहा है कि देवोनंदन प्रसाद सिंह मूल रूप से बिहार के निवासी थे। बेहतर रोजगार के अवसरों के लिए वह वर्ष 2019 में मुंबई आकर बस गए थे।
मुंबई के कांदिवली ईस्ट स्थित रहेजा इटरनिटी सोसाइटी में वह अपने परिवार के साथ रहते थे। उनके परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं। उनकी उम्र करीब 50 वर्ष बताई जा रही है।
परिवार में छाया मातम
इस दुखद खबर के बाद मुंबई और बिहार में उनके परिवार तथा रिश्तेदारों के बीच शोक की लहर फैल गई है। पड़ोसियों और परिचितों ने बताया कि देवोनंदन प्रसाद सिंह एक मेहनती और मिलनसार व्यक्ति थे, जो अपने परिवार के बेहतर भविष्य के लिए विदेशों में जहाजों पर काम करते थे।
जांच शुरू, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
घटना की जानकारी मिलने के बाद संबंधित समुद्री एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है।
तेल टैंकर पर हुए हमले की परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी गई है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हमला किसने और किन परिस्थितियों में किया।
कंपनी ने जताया दुख
जहाज के प्रबंधन और इससे जुड़े स्टेकहोल्डर्स ने देवोनंदन प्रसाद सिंह के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
कंपनी की ओर से कहा गया है कि मृतक के परिवार को हर संभव आर्थिक और मानवीय सहायता प्रदान की जाएगी। साथ ही जहाज पर मौजूद अन्य क्रू मेंबर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी अतिरिक्त कदम उठाए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण समुद्री व्यापार और जहाजों की सुरक्षा को लेकर खतरे बढ़ते जा रहे हैं, जिसके चलते अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी किए जाने की आवश्यकता है।














