राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अपमान के आरोप पर कुल्टी में आदिवासी समुदाय का सड़क जाम, जीटी रोड पर प्रदर्शन

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पश्चिम बर्दवान जिले के आसनसोल के कुल्टी विधानसभा क्षेत्र में बुधवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब नियामतपुर के शालकालानी इलाके में आदिवासी समुदाय के लोगों ने देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कथित अपमान के विरोध में जीटी रोड को जाम कर प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि हाल ही में कोलकाता में आयोजित एक कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शामिल हुई थीं, लेकिन उस कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अनुपस्थिति को लेकर कई सवाल उठे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस घटना से देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद का अपमान हुआ है, जिसे लेकर आदिवासी समाज में नाराजगी देखी जा रही है।

जीटी रोड पर अचानक प्रदर्शन, यातायात प्रभावित

इसी मुद्दे को लेकर नियामतपुर के शालकालानी इलाके में आदिवासी समुदाय के लोग बड़ी संख्या में एकत्रित हुए और जीटी रोड पर सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। अचानक हुए इस अवरोध के कारण कुछ समय के लिए सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो गई और इलाके में हलचल मच गई।

प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के सम्मान की रक्षा की मांग करते हुए जोरदार नारेबाजी भी की। स्थानीय लोगों के अनुसार, आदिवासी समुदाय के लोग अपने समाज की पहली राष्ट्रपति के सम्मान को लेकर काफी भावुक और संवेदनशील हैं।

सिधु-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण

इस विरोध प्रदर्शन से पहले आदिवासी समुदाय के लोगों ने शालकालानी इलाके में महान आदिवासी नायक सिधु-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद सभी लोग संगठित होकर जीटी रोड पर पहुंचे और विरोध प्रदर्शन शुरू किया।

पुलिस के हस्तक्षेप के बाद खत्म हुआ जाम

करीब दस मिनट तक सड़क जाम रहने के बाद कुल्टी थाना के नियामतपुर फाड़ी की पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। पुलिस अधिकारियों ने उनकी बात सुनने और मामले को संबंधित प्रशासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।

पुलिस के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्वक सड़क जाम समाप्त कर दिया, जिसके बाद यातायात फिर से सामान्य हो सका।

इलाके में चर्चा का विषय बना प्रदर्शन

इस घटना के बाद नियामतपुर और आसपास के क्षेत्रों में इस विरोध प्रदर्शन को लेकर काफी चर्चा हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आदिवासी समाज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लेकर काफी गर्व महसूस करता है और उनके सम्मान से जुड़े किसी भी मुद्दे पर तुरंत प्रतिक्रिया देता है।

राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी इस घटना को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। वहीं प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखने की बात कही है।

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