आसनसोल में गुरुनानक गुरुद्वारा चुनाव पर ब्रेक! वोटर लिस्ट विवाद से सिख समाज में हलचल

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आसनसोल: पश्चिम बंगाल के औद्योगिक शहर आसनसोल में गुरुनानक गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का चुनाव अचानक स्थगित कर दिए जाने से सिख समाज और स्थानीय राजनीति में हलचल मच गई है। चुनाव से ठीक दो दिन पहले वोटर लिस्ट को लेकर उठे विवाद ने पूरे मामले को तूल दे दिया है।

गुरुद्वारा प्रधान पद के उम्मीदवार गुरचरण सिंह भरारा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मौजूदा प्रधान अमरजीत सिंह भरारा और चुनाव प्रक्रिया पर कई सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि तैयार की गई वोटर लिस्ट में कई योग्य मतदाताओं के नाम शामिल नहीं किए गए हैं।

उनका कहना था कि विशेष रूप से रेलपार क्षेत्र में रहने वाले सिख समाज के कई लोगों के नाम सूची में नहीं जोड़े गए हैं, जिससे चुनाव की पारदर्शिता पर सवाल उठता है। उन्होंने मांग की कि वोटर लिस्ट में संशोधन कर सभी पात्र लोगों को मतदान का अधिकार दिया जाए।

गुरुद्वारा के हिसाब-किताब सार्वजनिक करने की मांग

गुरचरण सिंह भरारा ने यह भी मांग की कि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी गुरुद्वारे की आय-व्यय का पूरा हिसाब संगत के सामने सार्वजनिक करे। इसके साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि किसी भी व्यक्ति को लगातार दो बार गुरुद्वारा का प्रधान बनने की अनुमति नहीं होनी चाहिए।

मौजूदा प्रधान का पलटवार

इन आरोपों के जवाब में मौजूदा प्रधान अमरजीत सिंह भरारा ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी सफाई दी। उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट को लेकर चुनाव अधिकारी अनिल सिंह गंभीर लगातार गुरचरण सिंह भरारा से संपर्क करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान वोटर लिस्ट उस समय की है जब कुलदीप सिंह गुरुद्वारा के प्रधान थे। इस सूची में केवल मृतक मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं और 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले नए मतदाताओं के नाम जोड़े जाते हैं।

अमरजीत सिंह भरारा ने दावा किया कि सूची में किसी भी प्रकार का फर्जी मतदाता शामिल नहीं है। इसके बावजूद पारदर्शिता बनाए रखने के लिए वे स्क्रूटनी कराने के लिए भी तैयार हैं।

31 मार्च से पहले पेश होगा पूरा लेखा-जोखा

गुरुद्वारा के वित्तीय मामलों पर उन्होंने कहा कि 31 मार्च को वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले संगत के सामने पूरा लेखा-जोखा प्रस्तुत कर दिया जाएगा।

लगातार दो बार प्रधान बनने पर रोक के आरोप को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि गुरुद्वारे के नियमों में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है और उन्हें इसकी जानकारी भी नहीं है।

“नामांकन के समय क्यों नहीं उठाया सवाल?”

अमरजीत सिंह भरारा ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब गुरचरण सिंह भरारा ने उम्मीदवार के रूप में नामांकन पत्र लिया और जमा किया, तब वोटर लिस्ट को लेकर कोई आपत्ति क्यों नहीं जताई गई।

उन्होंने कहा कि अब जब यह स्पष्ट हो रहा है कि संगत का समर्थन नहीं मिल रहा, तब इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं।

जांच के लिए तैयार कमेटी

अमरजीत सिंह भरारा ने मीडिया के सामने घोषणा की कि जब भी गुरचरण सिंह भरारा चाहें, वोटर लिस्ट की जांच कराई जा सकती है। तारीख, समय और चुनाव की नई तिथि भी वे ही तय कर लें, कमेटी इसके लिए तैयार है।

हालांकि उन्होंने साफ कहा कि आसनसोल के निर्धारित मतदाताओं के अलावा बाहरी गुरुद्वारों के मतदाताओं को इस चुनाव में शामिल नहीं किया जाएगा।

संगत और शहर की राजनीति में चर्चा तेज

फिलहाल चुनाव स्थगित होने के बाद पूरे मामले को लेकर सिख संगत के बीच चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय राजनीतिक हलकों में भी यह मुद्दा सुर्खियों में है।

अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि वोटर लिस्ट विवाद का समाधान कब तक होता है और गुरुनानक गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनाव की नई तारीख कब घोषित की जाती है।

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