आसनसोल में मानवाधिकार और कानून-व्यवस्था को लेकर एक अहम पहल देखने को मिली। मीडिया पर्सनेलिटी और सोशल एक्टिविस्ट संजय सिन्हा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मानवाधिकार का हनन रोकने और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने में पुलिस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा, “आज कदम-कदम पर मानवाधिकार का उल्लंघन देखने को मिलता है। इस पर अंकुश तभी लगेगा जब पुलिस प्रशासन के साथ-साथ आम नागरिक भी जागरूक होंगे। सामाजिक, आर्थिक और नैतिक समृद्धि के लिए कानून-व्यवस्था का दुरुस्त रहना जरूरी है।”
👮 नए पुलिस अधिकारियों से की मुलाकात
गौरतलब है कि इंटरनेशनल इक्विटेबल ह्यूमन राइट्स सोशल काउंसिल के चेयरमैन और प्रेस क्लब ऑफ आसनसोल मेगासिटी के सेक्रेटरी जनरल के रूप में कार्यरत संजय सिन्हा ने आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के नव नियुक्त अधिकारियों से मुलाकात की।
उन्होंने आसनसोल दक्षिण थाने के नए इंस्पेक्टर इन चार्ज विश्वजीत हालदार, आसनसोल नॉर्थ थाने के प्रभारी सोमेन बनर्जी, हीरापुर थाने के प्रभारी करतार सिंह और आसनसोल साउथ पुलिस पोस्ट के प्रभारी मानव घोष से भेंट कर उन्हें होली और नए कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर सभी अधिकारियों को शॉल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। साथ ही मानवाधिकार संरक्षण और चुनावी माहौल में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
🗳️ चुनावी माहौल में बढ़ी जिम्मेदारी
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। ऐसे में पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। संजय सिन्हा ने अनुरोध किया कि संवेदनशील समय में निष्पक्षता, सतर्कता और मानवाधिकारों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
सभी अधिकारियों ने उनके सुझावों का स्वागत करते हुए भरोसा दिलाया कि वे चुनौतियों के बीच बेहतर सेवा देने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि समाज और पुलिस प्रशासन के बीच इस तरह का संवाद कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में सहायक सिद्ध होता है। आने वाले समय में यह पहल क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव का संदेश दे सकती है।














