पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले दोल और होली का उत्सव इस बार केवल रंगों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें सियासत का रंग भी घुलता नजर आया। राज्य के विभिन्न हिस्सों में राजनीतिक दलों के नेता और कार्यकर्ता दोल उत्सव के अवसर पर जनता के बीच पहुंचकर जनसंपर्क अभियान में जुटे हैं।
आसनसोल दक्षिण की विधायक एवं अग्निमित्रा पाल ने अपने विधानसभा क्षेत्र आसनसोल में धूमधाम से दोल उत्सव मनाया। पारंपरिक परिधान में सजी विधायक ने क्षेत्रवासियों के बीच पहुंचकर छोटे-बड़े सभी को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। उनके साथ बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक भी मौजूद रहे।
उत्सव के दौरान पारंपरिक ‘बगला नृत्य’ ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण जोड़ा। ढोल-नगाड़ों की थाप और रंगों की बौछार के बीच लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने भी पूरे जोश के साथ पर्व में भाग लिया। कई स्थानों पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और भक्ति गीतों का आयोजन किया गया, जिससे माहौल और भी आनंदमय हो गया।
सूत्रों के अनुसार, दोल उत्सव के साथ-साथ विधायक द्वारा क्षेत्र में व्यापक जनसंपर्क अभियान भी चलाया जा रहा है। चुनाव से पहले इस तरह के सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से मतदाताओं के बीच अपनी उपस्थिति दर्ज कराना और सरकार की योजनाओं की जानकारी देना भी कार्यक्रम का एक अहम हिस्सा माना जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में सांस्कृतिक और धार्मिक उत्सवों का विशेष महत्व रहा है। ऐसे आयोजनों के जरिए नेता जनता से सीधा संवाद स्थापित करते हैं और अपने समर्थन आधार को मजबूत करने की कोशिश करते हैं।
फिलहाल आसनसोल में दोल उत्सव के रंगों के साथ सियासत की हलचल भी तेज हो गई है। अब देखना दिलचस्प होगा कि चुनावी मैदान में ये रंग कितना असर दिखाते हैं।














