केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने दावा किया है कि आगामी ‘परिवर्तन यात्रा’ बंगाल के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज होगी। उन्होंने कहा कि यह यात्रा राज्य को पीड़ा और कथित अव्यवस्था से मुक्ति दिलाने का माध्यम बनेगी।
सुकांत मजूमदार ने इस यात्रा की तुलना पौराणिक कथा में भागीरथ द्वारा मां गंगा को धरती पर लाने के प्रयास से की। उनका कहना है कि जिस तरह भागीरथ के तप से गंगा अवतरित हुई, उसी प्रकार यह यात्रा भी बंगाल में परिवर्तन की नई धारा लेकर आएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि लाखों लोग इस अभियान से जुड़ेंगे और इसे जनआंदोलन का रूप देंगे।
🗺️ नौ स्थानों से एक साथ होगी शुरुआत
भारतीय जनता पार्टी ने पूरे राज्य को 10 संगठनात्मक संभागों में विभाजित किया है, जिनमें से 9 संभागों में परिवर्तन यात्रा निकाली जाएगी। कोलकाता संभाग को इस यात्रा से अलग रखा गया है, क्योंकि वहां ऐतिहासिक ब्रिगेड रैली की तैयारियां चल रही हैं, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संबोधित करेंगे।
📍 यहां से गूंजेगा परिवर्तन का बिगुल
घोषित रूट के अनुसार परिवर्तन यात्रा की शुरुआत इन प्रमुख स्थानों से होगी—
- सिलीगुड़ी मंडल में कूचबिहार के रासमेला मैदान से
- मालदा मंडल में उत्तर दिनाजपुर जिले के इस्लामपुर कोर्ट मैदान से
- नवद्वीप मंडल में नदिया जिले के कृष्णनगर दक्षिण से
- उत्तर 24 परगना के संदेशखाली से
- दक्षिण 24 परगना के जयनगर से
- हावड़ा-हुगली मंडल के आमता से
- मेदिनीपुर मंडल के झाड़ग्राम से
- पुरुलिया मंडल में आसनसोल के कुल्टी से
- बर्द्धमान मंडल में बीरभूम के हासन से
इन सभी स्थानों पर विशाल जनसभाओं के जरिए यात्रा का शुभारंभ किया जाएगा।
🔥 राजनीतिक हलकों में बढ़ी सरगर्मी
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह यात्रा आगामी चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकती है। भाजपा का दावा है कि इस यात्रा के माध्यम से राज्य के हर वर्ग तक अपनी नीतियों और योजनाओं का संदेश पहुंचाया जाएगा।
दूसरी ओर, विपक्ष इस अभियान को चुनावी रणनीति बता रहा है। लेकिन इतना तय है कि परिवर्तन यात्रा ने बंगाल की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि यह यात्रा कितनी बड़ी जनभागीदारी जुटा पाती है और प्रदेश की राजनीति में कितना असर छोड़ती है।














