बंगाल की अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी, कोलकाता समेत कई जिलों में हाई अलर्ट

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आसनसोल/कोलकाता: पश्चिम बंगाल में उस समय सनसनी फैल गई जब राजधानी कोलकाता समेत कई जिलों की अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिला। धमकी के बाद राज्य के पांच जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।

सूत्रों के मुताबिक, कोलकाता हाई कोर्ट के साथ-साथ आसनसोल, दुर्गापुर, बहरमपुर, सिउड़ी, रामपुरहाट और अलीपुर स्थित अदालत परिसरों को निशाना बनाने की चेतावनी दी गई है। ईमेल में दोपहर 1 बजे विस्फोट की धमकी दी गई थी, जिससे न्यायिक तंत्र में हड़कंप मच गया।

⏰ 11:30 बजे मिला ईमेल, तुरंत खाली कराया गया परिसर

आसनसोल के डिस्ट्रिक्ट जज देव प्रसाद नाथ को सुबह करीब 11:30 बजे धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ। मेल में दावा किया गया कि अदालत कक्ष और जज के चेंबर में विस्फोटक रखे गए हैं।

ईमेल मिलते ही जज ने सभी न्यायिक कार्य तत्काल स्थगित करने और पूरे कोर्ट परिसर को खाली कराने का आदेश दिया। इसकी सूचना तुरंत आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट को दी गई।

🚨 पुलिस और बम स्क्वॉड का ऑपरेशन

सूचना मिलते ही डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पूरे कोर्ट परिसर को चारों ओर से घेर लिया गया और आम लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई।

बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड की टीमों ने अदालत परिसर के हर हिस्से की गहन तलाशी शुरू कर दी है। सुरक्षा एजेंसियां अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से हर संदिग्ध स्थान की जांच कर रही हैं।

💻 साइबर जांच शुरू, बंगाली भाषा में भेजा गया मेल

सूत्रों के अनुसार धमकी भरा ईमेल बंगाली भाषा में भेजा गया है। मेल में कई आपत्तिजनक और गंभीर बातें भी लिखी गई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

ईमेल आईडी, आईपी एड्रेस और तकनीकी स्रोत की पहचान के लिए विशेषज्ञों की टीम काम कर रही है। पुलिस इस संभावना की भी जांच कर रही है कि यह किसी शरारती तत्व की करतूत है या फिर किसी संगठित साजिश का हिस्सा।

🛑 अभी तक नहीं मिला कोई विस्फोटक

अधिकारियों के मुताबिक, अब तक किसी भी अदालत परिसर से विस्फोटक सामग्री बरामद होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि सुरक्षा के मद्देनजर सभी अदालत परिसरों में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया गया है और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें।

⚖️ न्यायिक तंत्र पर हमला या दहशत फैलाने की साजिश?

विशेषज्ञों का मानना है कि अदालतों जैसे संवेदनशील संस्थानों को निशाना बनाना कानून-व्यवस्था को चुनौती देने की कोशिश हो सकती है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं।

अब सबकी निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे साफ होगा कि यह महज अफवाह थी या फिर किसी बड़े षड्यंत्र की आहट।

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