आसनसोल से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां आधार कार्ड की नकल कर एक फर्जी व्यक्ति को असली मुकदमेबाज के रूप में अदालत में पेश कर मामला वापस लेने की कोशिश करने का आरोप लगा है। इस पूरे घटनाक्रम ने न्यायिक प्रक्रिया की सुरक्षा और पहचान सत्यापन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, अदालत में एक मामले की सुनवाई के दौरान संदेह उत्पन्न हुआ कि पेश किया गया व्यक्ति वास्तविक वादी नहीं है। आरोप है कि आधार कार्ड की कॉपी का दुरुपयोग कर किसी अन्य व्यक्ति को असली मुकदमेबाज के स्थान पर खड़ा किया गया और कानूनी प्रक्रिया के तहत मुकदमा वापस लेने की औपचारिकता पूरी करने की कोशिश की जा रही थी।
मामले की भनक लगते ही आसनसोल बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने तुरंत हस्तक्षेप किया और कथित लिंक मैन को मौके पर ही पकड़ लिया। वकीलों की सतर्कता के कारण एक बड़ी कानूनी धोखाधड़ी समय रहते उजागर हो गई, जिससे अदालत की प्रक्रिया के साथ संभावित छेड़छाड़ टल गई।
इसके बाद अधिवक्ताओं ने आरोपी लिंक मैन को आसनसोल दक्षिण थाना पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस साजिश के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
कानूनी सूत्रों का कहना है कि यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह मामला पहचान जालसाजी, दस्तावेज़ों की नकल और न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप जैसे गंभीर धाराओं के तहत दर्ज हो सकता है। इस घटना के बाद अदालत परिसर में सुरक्षा और पहचान सत्यापन को और कड़ा करने की मांग भी उठने लगी है।
स्थानीय कानूनी हलकों में इस घटना को लेकर भारी चर्चा है और इसे संगठित तरीके से केस को प्रभावित करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है और अदालत से जुड़े दस्तावेज़ों की भी जांच की जा रही है।











