आसनसोल, पश्चिम बंगाल: आसनसोल उत्तर विधानसभा क्षेत्र के गोपालपुर इलाके में उस समय राजनीतिक माहौल अचानक गरमा गया जब भाजपा के डोर-टू-डोर जनसंपर्क अभियान के दौरान कथित रूप से तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। भाजपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि जनसंपर्क कार्यक्रम में जुटे पार्टी समर्थकों को तृणमूल कर्मियों द्वारा धमकाया गया और अभियान को रोकने की कोशिश की गई।
जनसंपर्क अभियान में अचानक बढ़ा तनाव
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, भाजपा द्वारा क्षेत्र में जनसंपर्क अभियान के तहत घर-घर जाकर लोगों से संवाद और समस्याएं सुनने का कार्यक्रम तय किया गया था। इस अभियान में लगभग 25 भाजपा कार्यकर्ता शामिल होने वाले थे। लेकिन आरोप है कि कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही कुछ तृणमूल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम न करने की चेतावनी दी।
भाजपा नेताओं का दावा है कि कार्यकर्ताओं को यह कहा गया कि गोपालपुर इलाके में भाजपा का कोई कार्यक्रम नहीं होने दिया जाएगा और इसमें शामिल होने वालों को परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। इस कथित धमकी के बाद लगभग 20 कार्यकर्ता वहां से हट गए, जिससे कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया।
मौके पर पहुंचे भाजपा नेता कृष्णा प्रसाद
घटना की जानकारी मिलते ही भाजपा नेता कृष्णा प्रसाद तत्काल गोपालपुर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा घटनाक्रम राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि पार्टी के लोकतांत्रिक कार्यक्रमों को रोकना दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे क्षेत्र की राजनीतिक शांति प्रभावित होती है।
कृष्णा प्रसाद ने यह भी आरोप लगाया कि यह घटना राज्य के मंत्री और तृणमूल विधायक मलय घटक के इशारे पर कराई गई है, हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। उनके पहुंचने के बाद शेष कार्यकर्ताओं ने फिर से जनसंपर्क अभियान शुरू किया और कार्यक्रम को पूरा किया गया।
“भाजपा पीछे हटने वाली नहीं” — कड़ा संदेश
भाजपा नेता ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पार्टी डोर-टू-डोर अभियान जारी रखेगी और जनता की समस्याओं को सुनने का काम बंद नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि चाहे झूठे मामले दर्ज कराए जाएं, रैलियों को रोका जाए या कार्यकर्ताओं को डराने की कोशिश की जाए, भाजपा अपने अभियान से पीछे नहीं हटेगी।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में भाजपा के कार्यक्रमों में किसी भी प्रकार की बाधा डाली गई तो पार्टी चक्का जाम और बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाने से भी पीछे नहीं हटेगी।
राजनीतिक माहौल में बढ़ी सरगर्मी
इस घटना के बाद आसनसोल के राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय स्तर पर दोनों दलों के समर्थकों के बीच तनाव की खबरें भी सामने आई हैं, हालांकि प्रशासन की ओर से शांति बनाए रखने की अपील की गई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावी माहौल को देखते हुए क्षेत्र में जनसंपर्क अभियानों की सक्रियता बढ़ी है, जिससे सियासी टकराव की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। ऐसे में प्रशासन और राजनीतिक दलों के लिए शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखना बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
शांति की अपील
अंत में भाजपा नेता कृष्णा प्रसाद ने कहा कि लोकतंत्र में सभी दलों को अपने-अपने कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से करने का अधिकार है और किसी भी प्रकार की धमकी या दबाव की राजनीति से केवल जनता का नुकसान होता है। उन्होंने तृणमूल से भी शांति बनाए रखने और लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करने की अपील की।











