आसनसोल नगर निगम के वार्ड संख्या 20 के सेनराले इलाके में सड़क को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। ग्रामीणों और जमीन मालिक के बीच तनातनी अब खुलकर सामने आ गई है, जिससे इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।
ग्रामीणों का दावा है कि जिस स्थान को लेकर विवाद खड़ा हुआ है, वहां वर्षों से सड़क मौजूद थी और लोग रोजमर्रा के आवागमन के लिए उसी रास्ते का उपयोग करते आ रहे थे। उनका कहना है कि अचानक सड़क को घेरने की कोशिश से लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।
जमीन मालिक का अलग दावा
वहीं दूसरी ओर जमीन मालिक केशव मंडल का कहना है कि सरकारी नक्शे में उस स्थान पर किसी सड़क का उल्लेख नहीं है। उनके अनुसार, वह उनकी निजी जमीन है और वहां कभी कोई वैध सड़क नहीं थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि ग्रामीणों के आंदोलन के पीछे कुछ अन्य लोग सक्रिय हैं, जो विवाद को हवा दे रहे हैं।
जमीन मालिक ने यह भी दावा किया है कि उनकी जमीन की सीमा पर बनी दीवार को कुछ लोगों ने तोड़ दिया है। इस संबंध में उन्होंने आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
प्रशासन पर टिकी निगाहें
मामले के तूल पकड़ने के बाद स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। इलाकावासियों की मांग है कि नगर निगम और राजस्व विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर सरकारी रिकॉर्ड और जमीनी हकीकत की जांच करें, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस इलाके में नजर बनाए हुए है। सूत्रों के अनुसार, दोनों पक्षों को बातचीत के जरिए समाधान निकालने की सलाह दी गई है।
जनहित बनाम निजी स्वामित्व
यह विवाद अब केवल सड़क तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जनहित और निजी संपत्ति के अधिकार के बीच टकराव का रूप ले चुका है। यदि समय रहते समाधान नहीं निकला, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
इलाके के लोग उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन निष्पक्ष जांच कर जल्द से जल्द इस विवाद का समाधान करेगा, ताकि तनाव खत्म हो और सामान्य स्थिति बहाल हो सके।











