आसनसोल/कुल्टी: शनिवार को भारती भवन संचालन कमेटी की ओर से भारतीय औद्योगिक जगत के महान पुरोधा सर बिरेन मुखर्जी की जयंती के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री मलय घटक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री मलय घटक ने कहा कि भारतीय उद्योग के विकास में सर बिरेन मुखर्जी का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि कुल्टी और बर्नपुर की धरती से देश की औद्योगिक क्रांति को नई दिशा मिली। मंत्री ने बताया कि सर बिरेन मुखर्जी ने Bengal Iron के नाम से भारत की पहली स्टील इंडस्ट्री की स्थापना की थी, जहां उस दौर में हजारों लोगों को रोजगार मिला और आज भी बड़ी संख्या में लोग इससे आजीविका प्राप्त कर रहे हैं।
मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सबसे पहले कुल्टी में उद्योग की नींव रखी गई, जिसके बाद बर्नपुर में इसका विस्तार हुआ। यही ऐतिहासिक संयंत्र आज IISCO Steel Plant के रूप में देशभर में जाना जाता है, जो आगे चलकर Steel Authority of India Limited के अंतर्गत शामिल हुआ। उन्होंने कहा कि यह सब सर बिरेन मुखर्जी की दूरदर्शिता, परिश्रम और राष्ट्र के प्रति समर्पण का ही परिणाम है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित गणमान्य लोगों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने भी सर बिरेन मुखर्जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। वक्ताओं ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को उनके जीवन, संघर्ष और योगदान से प्रेरणा लेनी चाहिए।
सभा का समापन सर बिरेन मुखर्जी के आदर्शों को आगे बढ़ाने और औद्योगिक विकास के साथ-साथ सामाजिक दायित्व निभाने के संकल्प के साथ किया गया।











