आसनसोल में नर्सरी पर चला बुलडोजर! AIMIM नेता दानिश अज़ीज़ ने राजू अहलूवालिया पर साधा निशाना

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आसनसोल:
मंगलवार को आसनसोल के सेंट जोसेफ स्कूल के सामने स्थित एक पार्क क्षेत्र में संचालित नेशनल नर्सरी पर नगर निगम की कार्रवाई के बाद शहर की सियासत गरमा गई है। आरोप है कि तृणमूल परिवहन संगठन के नेता राजू अहलूवालिया के नेतृत्व में निगम की ओर से वहां तोड़फोड़ की गई। इस घटना के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं।

❓ पार्क में दुकान कैसे?

राजू अहलूवालिया ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जिस स्थान को पार्क के रूप में विकसित किया गया है, वहां व्यावसायिक गतिविधि कैसे संचालित हो रही है, यह गंभीर सवाल है। उन्होंने दावा किया कि सार्वजनिक स्थल पर नियमों का उल्लंघन कर नर्सरी चलाई जा रही थी। साथ ही नगर निगम में व्याप्त कथित अनियमितताओं पर भी उन्होंने सवाल उठाए और कहा कि “इस तरह की कार्यप्रणाली स्वीकार्य नहीं है। यदि जरूरत पड़ी तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।”

🧾 नर्सरी मालिक ने दी शिकायत

दूसरी ओर, नर्सरी के मालिक ने इस कार्रवाई को मनमाना बताते हुए आसनसोल नगर निगम में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। उनका कहना है कि बिना पूर्व सूचना और उचित प्रक्रिया के तोड़फोड़ की गई, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

🗣️ AIMIM नेता की कड़ी प्रतिक्रिया

इस पूरे घटनाक्रम पर पश्चिम बर्धमान जिला एआईएमआईएम कमेटी के अध्यक्ष एवं स्टेट एआईएमआईएम नेता दानिश अज़ीज़ ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने गिरजा मोड़, आसनसोल में फूल विक्रेताओं के साथ कथित रूप से हुए असंवैधानिक व्यवहार को लेकर सवाल उठाए।

दानिश अज़ीज़ ने कहा कि “किसी भी नागरिक के साथ कानून से ऊपर उठकर व्यवहार करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है। यदि किसी प्रकार की अनियमितता थी, तो उसका समाधान कानूनी प्रक्रिया से होना चाहिए था, न कि कथित दबाव और तोड़फोड़ के जरिए।”

उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि पीड़ितों को न्याय नहीं मिला तो एआईएमआईएम इस मुद्दे को बड़े स्तर पर उठाएगी।

⚖️ बढ़ी राजनीतिक हलचल

नर्सरी विवाद ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। एक ओर नगर निगम की कार्रवाई को नियमों के पालन की दिशा में कदम बताया जा रहा है, तो दूसरी ओर इसे मनमानी और पक्षपातपूर्ण कार्रवाई कहा जा रहा है।

स्थानीय लोगों के बीच भी इस मुद्दे पर चर्चा तेज है। कई लोग सार्वजनिक स्थानों के संरक्षण की बात कर रहे हैं, वहीं कुछ लोगों का कहना है कि छोटे व्यवसायियों के साथ सहानुभूतिपूर्ण रवैया अपनाया जाना चाहिए।

📌 आगे क्या?

अब सबकी निगाहें नगर निगम की अगली कार्रवाई और संभावित जांच पर टिकी हैं। यदि मामला और तूल पकड़ता है, तो यह शहर की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है।

आसनसोल में नर्सरी विवाद फिलहाल शांत होने के संकेत नहीं दे रहा है—देखना होगा कि प्रशासन और राजनीतिक दल इस संवेदनशील मुद्दे को किस दिशा में ले जाते हैं।

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